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गुरुवार, 5 नवंबर 2026
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ट्रंप की हार से ईरान का होर्मुज नियंत्रण मजबूत, मिशन हुआ मुश्किल

ट्रंप की मिड टर्म हार के बाद ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण मजबूत हुआ है, जिससे उनका मिशन अधूरा रह गया।

ट्रंप की हार से ईरान का होर्मुज नियंत्रण मजबूत, मिशन हुआ मुश्किल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मिड टर्म चुनाव में हारने के बाद उनके लिए ईरान पर अपना मिशन जारी रखना मुश्किल हो गया है। इससे माना जा रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की ट्रंप की कोशिशें असफल हुई हैं और अब ईरान पर इस क्षेत्र का स्थायी नियंत्रण हो सकता है।

ट्रंप की मिडटर्म हार और ईरान मिशन

ट्रंप मिड टर्म चुनाव जीतने में नाकाम रहे जिससे उनके ऊपर संविधान की सीमाएं बढ़ गई हैं। अब युद्ध जैसे बड़े फैसले लेना उनके लिए चुनौतीपूर्ण होगा, जिससे होर्मुज को खुलवाने का उनका मिशन भी अधूरा रह सकता है। ओमान और ईरान पहले ही इस क्षेत्र को लेकर समझौता कर चुके हैं।

ईरान का होर्मुज में नियंत्रण और टोल वसूली

ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में उसकी अनुमति के बिना कोई जहाज नहीं जा सकता। सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने टोल वसूलने का फैसला कर लिया है। उनके सलाहकार मोहसेन रेज़ाई ने कहा कि ईरान इस क्षेत्र में अपने रास्ते के अलावा किसी अन्य मार्ग को नहीं खोलेगा और गैर-कानूनी गतिविधियों को निशाना बनाएगा।

हाल के दिनों में होर्मुज में लगातार तेल टैंकरों पर हमले और धमाके हुए हैं। मंगलवार को भी तीन टैंकर समुद्री माइंस से टकरा गए, जिससे उनमें आग लग गई। ईरानी रक्षक बलों (IRGC) का दावा है कि टैंकर गलत रूट पर थे और माइंस की वजह से धमाके हुए।

समुद्री माइंस और ईरानी सैन्य गतिविधियां

होर्मुज क्षेत्र में माइंस की संख्या इतनी बढ़ गई है कि हर दिन जहाजों को उनकी वजह से नुकसान पहुंच रहा है। ईरान ने समुद्री गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाई है, जिसमें रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड, लिम्पेट माइंस और पानी में चलने वाले ड्रोन शामिल हैं। ईरान ने स्पीड बोट्स के जरिए भी जहाजों को रोकना शुरू कर दिया है।

अमेरिका ने अलग रूट बनाया था लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान की इजाजत के बिना होर्मुज से गुजरना खतरनाक है। ईरान ने कई अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन गिराए हैं और अपने एयर डिफेंस सिस्टम को काफी मजबूत कर लिया है।

विशेष छूट और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव

ईरान और ओमान के बीच होर्मुज में टोल वसूली का एक प्लान तैयार हो चुका है। इस योजना के तहत भारत, चीन, इराक और कतर को विशेष छूट दी जाएगी, जिससे इनके जहाज इस मार्ग से बिना प्रतिबंध के गुजर सकेंगे। बाकी देशों के लिए यह मार्ग अब महंगा और नियंत्रित हो जाएगा।

ट्रंप की हार और ईरान की इस स्थिति का मतलब है कि होर्मुज अब एक ऐसा जल मार्ग बन चुका है, जहां ईरान का प्रभाव स्थायी हो गया है। इस क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक तेल सप्लाई के लिए यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है।

मुख्य बिंदु

  • डोनाल्ड ट्रंप मिड टर्म चुनाव हार गए, जिससे उनका ईरान मिशन प्रभावित हुआ।
  • ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थायी नियंत्रण और टोल वसूली का निर्णय लिया है।
  • होर्मुज में समुद्री माइंस और ईरानी स्पीड बोट्स के कारण तेल टैंकरों को नुकसान पहुंच रहा है।
  • भारत, चीन, इराक और कतर को होर्मुज में विशेष छूट दी जाएगी।

स्रोत: tv9hindi.com

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