अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए एक नया समझौता प्रस्ताव सामने आया है, जिसमें ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को किसी तीसरे देश को सौंप सकता है। इस प्रस्ताव पर विचार अभी चल रहा है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
यूरेनियम भंडार और चीन की भूमिका
अल अरबिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा विवाद खत्म करने के लिए कतर की राजधानी दोहा में बातचीत करने का सुझाव है। इसमें ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम को तीसरे देश को सौंप सकता है या उसका स्तर कम कर सकता है। बदले में अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत दे सकता है। चीन को इस समझौते की निगरानी और गारंटर की भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया गया है।
समझौते के हर चरण में एक स्वतंत्र सत्यापन तंत्र होगा, जो दोनों पक्षों की शर्तों के पालन की जांच करेगा। उल्लंघन की स्थिति में मध्यस्थ देश समाधान निकालने में मदद करेंगे। इसी बीच, कतर के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को तेहरान में लगभग 12 घंटे की बैठक की, जिसे तनाव कम करने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
ईरान की सैन्य चेतावनी और मध्यस्थता की नीति
मोजतबा खामेनेई ने ईरान के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को किसी भी हमले का तुरंत और प्रभावी जवाब देने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान को अपनी सुरक्षा के लिए भौगोलिक सीमाओं से बाहर जाकर भी खतरे का जवाब देना होगा। सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि फिलहाल वे अमेरिका के साथ सीधे संवाद के बजाय मध्यस्थों के माध्यम से बातचीत करना चाहते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा भेजे गए पत्र को सकारात्मक कदम बताया गया है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की शर्तों पर भी बताया कि यदि शर्तें मानी गईं तो यह जलमार्ग दो दिन में खोल दिया जाएगा।
ट्रंप का हमले पर फैसला टालना और हाल की घटनाएं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा। उन्होंने बातचीत जारी रहने और समय अमेरिका के पक्ष में होने का जिक्र किया। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पुष्टि की कि ट्रंप ने ईरान पर हमले का कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
इसके अलावा, ईरानी मीडिया ने अमेरिकी सेना पर होर्मुजगान प्रांत के केश्म द्वीप के पास मछुआरों की नौकाओं पर हमला करने का आरोप लगाया है। इसमें दो मछुआरों के लापता होने और एक घायल होने की खबर है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या ईरान सीधे अमेरिका से बातचीत कर रहा है?
नहीं, ईरान फिलहाल मध्यस्थों के जरिए ही बातचीत करना चाहता है, जैसा कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया है।
चीन की भूमिका क्या होगी?
चीन को इस समझौते का गारंटर और निगरानी की जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव है।
ट्रंप ने ईरान पर हमला करने का फैसला कब लिया?
डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
मुख्य बिंदु
- ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम को तीसरे देश को सौंपने या स्तर कम करने पर विचार कर रहा है।
- अमेरिका प्रतिबंधों में राहत देने पर विचार कर रहा है।
- चीन को समझौते की निगरानी और गारंटर बनाने का प्रस्ताव।
- ट्रंप ने ईरान पर हमले का कोई अंतिम फैसला अभी नहीं लिया है।
स्रोत: deshbandhu.co.in



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