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रविवार, 1 नवंबर 2026
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पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन की मनमानी और तानाशाहीपूर्ण फैसलों की कि जाए जांच : हरदेव उभा

कहा, सबसे चिंताजनक बात यह है कि गर्भवती महिला कर्मचारियों को भी कोई नहीं दी जा रही है राहतमहिला कर्मचारियों से शारीरिक श्रम करवाने, गर्भवती महिलाओं को कोई राहत न देने, कथित अवैध भर्तियों और अन्य…

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन की मनमानी और तानाशाहीपूर्ण फैसलों की कि जाए जांच : हरदेव उभा
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन की मनमानी और तानाशाहीपूर्ण फैसलों की कि जाए जांच : हरदेव उभा

कहा, सबसे चिंताजनक बात यह है कि गर्भवती महिला कर्मचारियों को भी कोई नहीं दी जा रही है राहत
महिला कर्मचारियों से शारीरिक श्रम करवाने, गर्भवती महिलाओं को कोई राहत न देने, कथित अवैध भर्तियों और अन्य अनियमितताओं की जांच की मांग
महिला आयोग के कर्मचारियों द्वारा शिकायत लेने से इनकार करने पर भी उठाए गए हैं सवाल
चंडीगढ़,(राजदार टाइम्स) पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता एस. हरदेव सिंह उभा ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन के खिलाफ लगे आरोपों पर गहरी चिंता जताई है। इन आरोपों में महिला कर्मचारियों के साथ तानाशाहीपूर्ण व्यवहार, उनसे ऐसे शारीरिक श्रम वाले काम करवाना जो उनके आधिकारिक कर्तव्यों का हिस्सा नहीं हैं, और ऐसे आदेशों का विरोध करने वाले कर्मचारियों को दूर-दराज के इलाकों में ट्रांसफर करके उन्हें परेशान करना शामिल है।

भाजपा नेता उभा ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि गर्भवती महिला कर्मचारियों को भी कोई राहत नहीं दी जा रही है। महिला कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान की अनदेखी करना बेहद गंभीर मामला है। बताया गया है कि जो कर्मचारी अनुचित आदेशों को मानने से इनकार करते हैं, उन्हें दूर-दराज के इलाकों में ट्रांसफर करके मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जाता है।
चेयरमैन की मनमानी और कथित अवैध गतिविधियों की जांच की मांग...
भाजपा नेता हरदेव सिंह उभा ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन की मर्जी से की गई कथित अवैध भर्तियों और अन्य संदिग्ध व गैर-कानूनी फैसलों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए बोर्ड की भर्तियों, नियुक्तियों, प्रशासनिक फैसलों और अन्य कामकाज की व्यापक जांच होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने मांग की कि अगर कोई अनियमितता या कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। महिला आयोग के कर्मचारियों द्वारा शिकायत लेने से इनकार करने पर सवाल। बताया गया है कि इस मामले को लेकर पंजाब महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन आयोग के कर्मचारियों ने आवेदन लेने से ही इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान और पंजाब महिला आयोग से जवाब मांगा गया है कि पीडि़त महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
मुख्य मांगें...
अध्यक्ष द्वारा की गई कथित अवैध भर्तियों और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की सीबीआई जांच होनी चाहिए। महिला कर्मचारियों के साथ कथित दुव्र्यवहार और उनसे शारीरिक श्रम (मैनुअल लेबर) कराने के मामलों की जांच होनी चाहिए। गर्भवती महिला कर्मचारियों को नियमों के अनुसार स्वास्थ्य और सुरक्षा सुविधाएं मिलनी चाहिए। स्थानांतरण (ट्रांसफर) के जरिए किए गए कथित उत्पीडऩ के मामलों की जांच होनी चाहिए। पंजाब महिला आयोग को पीडि़त महिलाओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत स्वीकार करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस पर सुनवाई हो। अंत में हरदेव सिंह उभा ने कहा कि कर्मचारी किसी के निजी आदेशों को मानने के लिए बाध्य गुलाम नहीं हैं, बल्कि, वे सरकारी तंत्र की रीढ़ हैं। पंजाब सरकार को इस मामले में निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करके अपनी जवाबदेही निभानी चाहिए।

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