कोलकाता में डायमंड हार्बर के तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के सामने शुक्रवार-शनिवार की रात भाजपा और ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एमएआईटीसी) समर्थकों के बीच झड़प हुई। यह घटना उनकी 39वीं जन्मदिन की रात 2:30 बजे से 3:30 बजे के बीच कई चरणों में हुई।
झड़पों की शुरुआत और घटनाक्रम
झड़प की शुरुआत एक शिकायत से हुई, जो बाद में हाथापाई और पत्थरबाजी में बदल गई। अभिषेक बनर्जी ने भाजपा समर्थकों पर उनके कार्यालय में तोड़फोड़ करने और खुद पर जानलेवा हमले की कोशिश करने का आरोप लगाया। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाठीचार्ज कर दोनों गुटों को तितर-बितर किया।
झड़प के बाद शुक्रवार रात अभिषेक ने अपने घर के सामने धरना दिया, जहां पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की। इसके बाद दोनों के बीच बहस हुई और शनिवार सुबह 6:30 बजे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद वे अपने घर में वापस गए।
अभिषेक बनर्जी के आरोप और प्रतिक्रिया
अभिषेक के 39वें जन्मदिन के मौके पर उनके कालीघाट स्थित आवास के सामने एमएआईटीसी के कार्यकर्ता जुटे थे। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता अचानक वहां पहुंचे और "चोर, चोर" के नारे लगाए। तृणमूल समर्थकों ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके बैनर, तस्वीर और कटआउट फाड़ दिए।
जब तृणमूल समर्थकों ने इसे रोकने की कोशिश की, तो दोनों गुटों के बीच बहस और फिर झड़पें हुईं। अभिषेक ने घायल समर्थकों से मुलाकात की और कहा, "मुझ पर हमला करने और मुझे जान से मारने की साजिश रची जा रही है।"
उन्होंने सोशल मीडिया पर भाजपा और पुलिस के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की। अपने बयान में उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में यह उन पर जान लेने की सातवीं कोशिश है, लेकिन पुलिस और न्यायपालिका ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने न्यायपालिका की अनदेखी पर चिंता जताई और कहा कि पूरे राज्य में गुंडे आतंक फैला रहे हैं।
अभिषेक ने अपने पोस्ट के साथ झड़पों की तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए हैं।
स्रोत: deshbandhu.co.in



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