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बुधवार, 4 नवंबर 2026
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सतीश पूनिया ने राहुल गांधी की इंसाफ रैली पर जताई आपत्ति, 1984 का जिक्र किया

सतीश पूनिया ने राहुल गांधी की पंजाब में इंसाफ रैली पर सवाल उठाते हुए 1984 के घटनाओं का जिक्र किया और कांग्रेस पर निशाना साधा।

सतीश पूनिया ने राहुल गांधी की इंसाफ रैली पर जताई आपत्ति, 1984 का जिक्र किया

चंडीगढ़, 4 नवंबर। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की बुधवार को संगरूर जिले में होने वाली ‘इंसाफ रैली’ को लेकर भाजपा नेता सतीश पूनिया ने तीखा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि 1984 में जो कुछ हुआ, उसे देश की जनता आज तक नहीं भुला पाई है।

सतीश पूनिया ने राहुल गांधी पर लगाए सवाल

चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान पूनिया ने कहा कि राहुल गांधी को पंजाब में इंसाफ की बात करने से पहले 1984 के मामले पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, "अच्छी बात होती कि राहुल गांधी इस मामले में पंजाब की जनता के सामने जवाब लेकर आते।" पूनिया ने बताया कि 1984 की घटनाओं के जिम्मेदारों को लेकर आज भी सवाल उठते हैं। ऐसे में जब राहुल गांधी पंजाब आकर राज्य के हक की बात करते हैं, तो उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।

पीएम मोदी से बहस पर पूनिया की टिप्पणी

राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की चुनौती दिए जाने पर पूनिया ने कहा कि देश की जनता कांग्रेस को करीब 55 साल तक शासन करने का मौका दे चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर आम नागरिक भी कांग्रेस से सवाल पूछते हैं, पर पार्टी के पास जवाब नहीं होते। पूनिया ने सलाह दी कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री से बहस करने से पहले अपनी पार्टी के भीतर देखना चाहिए और समझना चाहिए कि कांग्रेस की सरकारों ने क्या काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी किसी आम भाजपा कार्यकर्ता से भी बहस कर लें, तो उन्हें कांग्रेस से जुड़े कई सवालों के जवाब मिल जाएंगे।

1984 के जख्म और कांग्रेस की रैली पर सवाल

1984 की घटनाओं का जिक्र करते हुए पूनिया ने कहा कि अगर इतिहास को देखें तो 1984 के जख्मों की पृष्ठभूमि में आज यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, लेकिन उस समय के घाव देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के कुछ नेता जेल गए और कुछ मामलों में मुकदमे आज भी चल रहे हैं। पूनिया ने कहा कि पंजाब कभी सुख-शांति और भाईचारे के लिए जाना जाता था, लेकिन 1984 की घटनाओं ने राज्य और देश के सामने गहरा जख्म छोड़ा। उन्होंने दावा किया कि उन घटनाओं से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए दिल्ली और हरियाणा की भाजपा सरकारों ने प्रयास किए हैं।

साथ ही पूनिया ने कांग्रेस की ओर से 1 नवंबर को आयोजित रैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस दिन 1984 में नरसंहार हुआ था, उसी दिन बड़ी रैली करना कांग्रेस की मंशा समझ से परे है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उस घटना को याद रखना चाहिए और पीड़ित समुदाय के साथ जो हुआ, उसे भुलाया नहीं जा सकता।

पंजाब में भाजपा गठबंधन पर पूनिया का बयान

पंजाब में भाजपा के साथ अन्य पार्टियों के गठबंधन को लेकर पूनिया ने कहा कि कुछ फैसलों के लिए अभी इंतजार करना चाहिए।

स्रोत: kharinews.com

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