सिविल अस्पताल को खुद इलाज की जरूरत
विशेषज्ञ डॉक्टरों व ट्रॉमा सेंटर की कमी के कारण क्षेत्र के रोगियों को जालंधर एवं अमृतसर किया जाता है रेफर
दासुहा,(राकेश राणा): विधानसभा क्षेत्र के शहरी व ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ.हरसिमरत साही ने मौजूदा पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि 2022 के चुनाव जीतने के तुरंत बाद, विधानसभा क्षेत्र के विधायक कमबीर सिंह घुम्मन ने दावा किया था कि दसूहा में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी, लेकिन आज लगभग पांच साल गुजर जाने के बाद भी जमीनी हकीकत विधायक घुम्मन की बातों से बिलकुल उलट है। पत्रकारों से बात करते हुए डॉ.साही ने कहा कि कंडी और मांड क्षेत्रों के लगभग 400 गांवों व शहर की एक बड़ी आबादी जिस पर निर्भर है, वह दसूहा का उपमंडल (सिविल) अस्पताल आज खुद बीमार पड़ गया है। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक आपातकालीन सेवाओं, आईसीयू और ट्रॉमा केयर सेंटर की भारी कमी है। रात के समय या किसी गंभीर दुर्घटना की स्थिति में, मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें तुरंत जालंधर या अमृतसर रेफर कर दिया जाता है, जिसके कारण रास्ते में कई अमुल्य जानें चली जाती हैं। यहां उल्लेखनीय है कि अस्पताल के सरकारी क्वार्टर जर्जर घोषित कर दिए गए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग के कामकाज पर सवालिया निशान लग जाता है। भाजपा नेता ने माँग की कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्यान्वयन और इसके तहत मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की भी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। यह जांच होनी चाहिए कि क्या पात्र लाभार्थियों को योजना का पूरा लाभ मिल रहा है या नहीं, क्या अस्पतालों द्वारा इलाज के नाम पर कोई अनियमितता की जा रही है और क्या आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मुफ्त इलाज के नियमों का ठीक से पालन किया जा रहा है या नहीं। यदि जांच के दौरान कोई घोटाला या अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों एवं अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि गरीब व जरूरतमंद लोगों को वे स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके, जिनके वे हकदार हैं।
सिविल अस्पताल में साइकिल स्टैंड के ठेके व वाहन पार्किंग की पर्ची वसूलना होना चाहिए बंद...
अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिवार वालों पर पार्किंग शुल्क का अतिरिक्त बोझ नहीं डालना चाहिए। अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान में लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुफ्त और उचित तरीके से मिलनी चाहिए। इसलिए, साइकिल स्टैंड के ठेके और पर्ची प्रणाली को तत्काल बंद करने की मांग की जाती है। इसके अलावा, दंत चिकित्सा अधिकारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, डॉक्टरों की एम.ए.सी.पी सुविधा बंद है और सी.टी स्कैन के लिए रेडियोलॉजिस्ट की कमी भी स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर रही है।
पंजाब में केवल 12 रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध...
जानकारी के अनुसार, पंजाब में केवल 12 रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध हैं। सवाल यह है कि आम और गरीब लोग इलाज की उम्मीद में सरकारी अस्पतालों में आते हैं, लेकिन अगर उन्हें वहां भी बुनियादी सुविधाएं और उचित इलाज नहीं मिलता, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग को इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए, पार्किंग शुल्क पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। जन स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जा सकती। जनता को सच्चाई जानने का पूरा अधिकार है और इन मामलों को जल्द ही जनता के सामने लाया जाएगा।
दसूहा में स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे खोखले : डॉ.साही
सिविल अस्पताल को खुद इलाज की जरूरत विशेषज्ञ डॉक्टरों व ट्रॉमा सेंटर की कमी के कारण क्षेत्र के रोगियों को जालंधर एवं अमृतसर किया जाता है रेफरदासुहा,(राकेश राणा): विधानसभा क्षेत्र के शहरी व ग्रामीण…



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