बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार अगस्त 2024 में गिराई गई थी, जिसमें छात्र नेताओं और मोहम्मद यूनुस के बीच मुलाकात का अहम दावा सामने आया है।
यूनुस और छात्र नेताओं की मुलाकात
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार अगस्त 2024 में सत्ता से बेदखल हो गई थी। शफीकुल आलम, जो मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में प्रेस सचिव थे, ने बताया कि छात्र नेताओं और मोहम्मद यूनुस के बीच शेख हसीना के देश छोड़ने से दो दिन पहले बातचीत हुई थी। इस बातचीत में पत्रकार कादरुद्दीन शिशिर की भूमिका रही, जिन्होंने छात्र नेताओं और यूनुस के बीच संपर्क स्थापित करने में मदद की। आलम के अनुसार, छात्र नेताओं का उद्देश्य था कि शेख हसीना के हटने के बाद यूनुस देश की कमान संभाले।
आंदोलन की शुरुआत और सरकार का पतन
शेख हसीना सरकार के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था के विरोध से हुई थी। 2024 में छात्र संगठनों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। छात्रों का तर्क था कि इससे सामान्य अभ्यर्थियों के लिए अवसर सीमित हो रहे हैं। यह आंदोलन धीरे-धीरे सरकार विरोधी प्रदर्शन में बदल गया और जुलाई-अगस्त 2024 में लगभग 1,400 लोगों की मौत हुई। अंततः 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया और देश छोड़ दिया। उसके बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बनी।
चुनाव और नई सरकार
यूनुस की अंतरिम सरकार ने देश में चुनाव कराने की जिम्मेदारी निभाई। 12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने 300 में से 209 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की। 17 फरवरी 2026 को तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, जिससे यूनुस की सरकार का कार्यकाल समाप्त हो गया।
शेख हसीना की वापसी की तैयारी
19 अक्टूबर 2026 को शेख हसीना ने देश लौटने की इच्छा जताई और कहा कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौट सकती हैं। हालांकि, उन्होंने गिरफ्तारी और प्रताड़ना की आशंका भी जताई। उनके बयान के बाद देश की राजनीति में उनकी संभावित वापसी को लेकर चर्चा बढ़ गई है।
प्रत्यर्पण और भारत-बांग्लादेश संबंध
तारिक रहमान की सरकार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, जो भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर डाल रहा है। शेख हसीना वर्तमान में भारत में हैं और प्रत्यर्पण का मामला दोनों देशों के बीच संवेदनशील बना हुआ है।
मुख्य तथ्य
- शेख हसीना की सरकार अगस्त 2024 में गिराई गई।
- छात्र नेताओं और मोहम्मद यूनुस के बीच मुलाकात में पत्रकार कादरुद्दीन शिशिर की भूमिका।
- 2026 के चुनाव में बीएनपी ने 209 सीटें जीतकर सरकार बनाई।
- शेख हसीना दिसंबर 2026 में देश लौटने की योजना बना रही हैं।
- प्रत्यर्पण का मुद्दा भारत-बांग्लादेश संबंधों को प्रभावित कर रहा है।
स्रोत: deshbandhu.co.in



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