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गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
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इज़राइल चुनाव 2026: नेतन्याहू गुट 55 सीटों पर, बहुमत से दूर

इस्राइल चुनाव 2026 में नेतन्याहू के गठबंधन को 55 सीटें मिलीं, लेकिन बहुमत से दूर हैं; ट्रंप ने अपने समर्थन का दिया श्रेय।

इज़राइल चुनाव 2026: नेतन्याहू गुट 55 सीटों पर, बहुमत से दूर

यरुशलम: इस्राइल के 2026 के आम चुनावों के शुरुआती रुझानों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन को 55 सीटें मिली हैं, जबकि विपक्षी गठबंधन 49 सीटों पर है। दोनों पक्ष बहुमत के 61 सांसदों के आंकड़े से नीचे दिख रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू के प्रदर्शन का श्रेय अपने समर्थन को दिया है।

मुख्य तथ्य

  • नेतन्याहू के गठबंधन को 55 सीटें मिलने का अनुमान।
  • विपक्षी गठबंधन को 49 सीटें मिली हैं।
  • सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का समर्थन जरूरी।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू के प्रदर्शन को अपने समर्थन से जोड़ा।
  • छोटे दलों का समर्थन सरकार गठन में निर्णायक हो सकता है।

शुरुआती मतगणना में कोई भी गठबंधन बहुमत से दूर

स्थानीय समय के अनुसार सुबह 7:43 बजे तक 55.4 प्रतिशत मतों की गिनती पूरी हो चुकी थी। इस दौरान नेतन्याहू के गठबंधन को 55 सीटें और विपक्षी गठबंधन को 49 सीटें मिलने का अनुमान सामने आया। इसके अलावा, संयुक्त अरब सूची को 12 और राम पार्टी को 4 सीटें मिलने की संभावना है। इस्राइल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन चाहिए।

एग्जिट पोल में विरोधाभास और मतगणना के आंकड़े

मतदान के बाद जारी एग्जिट पोल में विपक्षी गठबंधन को 51 से 53 सीटें मिलने का अनुमान था, जबकि नेतन्याहू के गठबंधन को 50 से 52 सीटें मिलने की संभावना जताई गई थी। आई24न्यूज के एग्जिट पोल में नेतन्याहू के पक्ष को 55 और विपक्ष को 49 सीटें दी गई थीं। शुरुआती मतगणना के आंकड़े इस अनुमान के करीब हैं, लेकिन अंतिम परिणाम पूरे मतों की गिनती के बाद ही स्पष्ट होंगे।

ट्रंप ने नेतन्याहू की सफलता की वजह बताया अपना समर्थन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर नेतन्याहू के चुनावी प्रदर्शन को अपने समर्थन से जोड़ते हुए कहा कि उनके समर्थन के कारण नेतन्याहू की संभावित हार कम हुई है। ट्रंप ने टेक्सास में मीडिया से बातचीत के दौरान भी कहा कि उनके समर्थन से इस्राइली प्रधानमंत्री को मदद मिली। हालांकि, इस समर्थन का वास्तविक प्रभाव अंतिम परिणाम आने के बाद ही समझा जा सकेगा।

भारत-पाकिस्तान तनाव पर ट्रंप का दावा

चुनाव के बीच ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष रोकने में अपनी भूमिका का भी दावा किया। टेक्सास के कॉर्पस क्रिस्टी में रैली में उन्होंने कहा कि दोनों देशों पर 250 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी देकर उन्होंने तनाव कम किया था। भारत ने पहले भी किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को खारिज किया है।

सरकार गठन में छोटे दलों की भूमिका क्या होगी?

नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी माना जा रहा है, लेकिन बहुमत बनाने के लिए गठबंधन को छोटे दलों के समर्थन की जरूरत होगी। विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट ने वैकल्पिक सरकार बनाने की कोशिश करने की बात कही है। अरब नेतृत्व वाले दलों को कुल 16 से 18 सीटें मिलने का अनुमान है, जो सरकार गठन में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

सुरक्षा और नेतृत्व पर चुनाव का प्रभाव

7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद यह इस्राइल का पहला आम चुनाव है। सुरक्षा, सरकार की जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता मुख्य मुद्दे बने हैं। करीब 19 वर्षों से सत्ता में रह रहे नेतन्याहू को पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट चुनौती दे रहे हैं। अंतिम परिणाम और संभावित गठबंधन पर सभी की नजरें टिकी हैं।

स्रोत: deshbandhu.co.in

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