सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने NATO महासचिव मार्क रुटे के साथ बातचीत की। इस बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग और हूती विद्रोहियों के हमलों पर चर्चा हुई। यह बातचीत हाल ही में हुई और इसमें कनाडा, जर्मनी और स्पेन के रक्षा मंत्रियों के साथ भी संपर्क स्थापित किया गया।
सहयोग और समन्वय पर जोर
प्रिंस खालिद बिन सलमान ने अपनी बातचीत का विवरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। उन्होंने बताया कि बातचीत में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आपसी समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया। NATO महासचिव के साथ रक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर समन्वय बढ़ाने की बात हुई।
कनाडा के रक्षा मंत्री से संवेदना और सहयोग
कनाडा के रक्षा मंत्री डेविड मैकगुइंटी से बातचीत में प्रिंस खालिद ने अल्बर्टा के कैनेडियन फोर्सेज बेस वेनराइट में लगी आग के दौरान मृतकों के प्रति शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही, उन्होंने सऊदी-कनाडा रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा की।
हूतियों के हमलों की कड़ी निंदा
सऊदी रक्षा मंत्री ने जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस और स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स से भी बातचीत की। इन चर्चाओं में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा, और हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर किए गए आतंकवादी हमलों की निंदा की गई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर सहमति जताई।
हूतियों ने जारी रखे हमले, यमन में जांच की मांग
हूतियों ने सऊदी अरब की सीमा के भीतर हमले जारी रखने की धमकी दी है। उनका दावा है कि ये हमले यमन के खिलाफ सऊदी की ‘आक्रामकता’ का जवाब हैं। उन्होंने कहा है कि जब तक यमन के खिलाफ नाकेबंदी और आक्रामकता खत्म नहीं होती, तब तक हमले जारी रहेंगे। इसी बीच यमन के सशस्त्र बलों ने ताइज में हूती हमलों में इस्तेमाल किए गए जहरीले गोलों की तत्काल जांच की मांग की है। इन गोलों के कारण नागरिकों और ‘पॉपुलर रेजिस्टेंस’ के लड़ाकों को दम घुटने और बेहोशी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
स्रोत: livetimes.news



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