दिल्ली पुलिस के ACP मनस्वी वशिष्ठ को 23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के झड़प के बाद गृह मंत्रालय ने सस्पेंड कर दिया है।
मुख्य तथ्य
- मनस्वी वशिष्ठ IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र रहे हैं।
- उन्होंने 2016 में SSB में नौकरी शुरू की और लगभग चार साल सेवा दी।
- 2019 बैच के DANIPS अधिकारी के रूप में दिल्ली पुलिस में शामिल हुए।
- 23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में हुई घटना के बाद उन्हें सस्पेंड किया गया।
- मनस्वी ने सस्पेंशन के बाद कहा, "मैं आहत नहीं, बल्कि मजबूत हुआ हूं।"
शिक्षा और प्रारंभिक करियर
मनस्वी वशिष्ठ का जन्म जयपुर, राजस्थान में हुआ। उनका परिवार डॉक्टरों का है, लेकिन उन्होंने इंजीनियरिंग की दिशा चुनी। उन्होंने 2009 से 2013 के बीच IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। शिक्षा पूरी करने के बाद सरकारी सेवा में जाने का निर्णय लिया।
SSB में सेवा और DANIPS में शामिल होना
2016 में मनस्वी ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) में काम शुरू किया। उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर और बिहार में रही। लगभग चार साल तक सुरक्षा बल में काम करते हुए उन्होंने पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था की गहरी समझ बनाई। इसके बाद वे 2019 बैच के DANIPS (दिल्ली, अंडमान और निकोबार आइलैंड्स पुलिस सर्विस) अधिकारी बने।
दिल्ली में शुरुआती ट्रेनिंग और पोस्टिंग के बाद 2022 में उनका तबादला अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हुआ, जहां उन्होंने डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के रूप में डिगलीपुर और हैवलॉक में काम किया। दिसंबर 2024 में वह दिल्ली लौट आए और विभिन्न पुलिस जिम्मेदारियां निभाने लगे।
ACP गांधी नगर और सुरक्षा टीम में भूमिका
दिल्ली लौटने के बाद दिसंबर 2025 में मनस्वी वशिष्ठ को गांधी नगर में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) नियुक्त किया गया। उन्होंने इस पद पर लगभग तीन महीने कार्य किया। मार्च 2026 में फिर से उन्हें ACP गांधी नगर की जिम्मेदारी मिली।
इसके अलावा, वे पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सुरक्षा टीम के सदस्य भी रहे और उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) के रूप में काम किया।
शाहदरा थाने में झड़प और सस्पेंशन
23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन पर वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई। इसके बाद दो पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया, जिनमें मनस्वी वशिष्ठ भी शामिल थे। ट्रांसफर के विरोध में मनस्वी समेत 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के कुछ घंटे बाद गृह मंत्रालय ने मनस्वी वशिष्ठ को सस्पेंड कर दिया। गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, सस्पेंशन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय दिल्ली रहेगा और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। उन्हें आधे वेतन के आधार पर गुजारा भत्ता और महंगाई भत्ता मिलेगा।
मनस्वी वशिष्ठ की प्रतिक्रिया और पारिवारिक जीवन
सस्पेंशन के बाद मनस्वी ने कहा, "मैं आहत नहीं हुआ हूं, बल्कि मजबूत हुआ हूं। देश का कानून चलेगा और न्याय होगा।"
मनस्वी वशिष्ठ शादीशुदा हैं और उनके दो छोटे बच्चे हैं। उनकी बड़ी संतान तीन साल की और छोटी छह महीने की है। IIT से इंजीनियरिंग, SSB में सेवा और दिल्ली पुलिस में ACP बनने तक का उनका सफर ध्यान आकर्षित करता है।
स्रोत: tv9hindi.com



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