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बुधवार, 4 नवंबर 2026
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डॉ. राजेश भारद्वाज ने सर्दियों में बचने वाली 7 गलत आदतें बताईं

डॉ. राजेश भारद्वाज ने सर्दियों में बचने वाली 7 गलत आदतों और सावधानियों के बारे में बताया।

डॉ. राजेश भारद्वाज ने सर्दियों में बचने वाली 7 गलत आदतें बताईं

ठंड के बढ़ने के साथ कई लोग सर्दी, खांसी और गले में खराश जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा जैसे सांस संबंधी रोग वाले लोगों को इस मौसम में विशेष ध्यान देना चाहिए। हालांकि ठंड सीधे तौर पर वायरल संक्रमण का कारण नहीं होती, लेकिन तापमान में बदलाव और घर के अंदर लंबे समय तक रहने से वायरस फैलने की संभावना बढ़ जाती है।

सर्दियों में बचने वाली 7 गलत आदतें

मेडफर्स्ट ईएनटी सेंटर के सलाहकार डॉ. (मेजर) राजेश भारद्वाज ने न्यूज9 डिजिटल को बताया कि मौसम बदलने पर कुछ सावधानियां बरतने से श्वसन संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है। उन्होंने सर्दियों में आमतौर पर अपनाई जाने वाली सात आदतों के बारे में बताया जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकती हैं।

  • मौसम के अनुसार कपड़े न पहनना: सुबह और रात के समय बाहर जाते हुए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना जरूरी है। कई परतों वाले कपड़े ठंड से बचाव में मदद करते हैं।
  • कम पानी पीना: सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को पानी की जरूरत बनी रहती है। कम पानी पीने से गले और नाक की झिल्ली सूख सकती है। इसलिए दिनभर तरल पदार्थ लेना जरूरी है।
  • हाथों की सफाई की अनदेखी: बाहर आने के बाद खासकर भीड़ वाले इलाकों से लौटने पर हाथों को साबुन से अच्छे से धोना चाहिए। हाथों से आंख, नाक और मुंह छूने से बचना चाहिए।
  • कमरों में हवा का प्रवेश रोकना: ठंड के कारण खिड़कियां लगातार बंद रखना सही नहीं होता। संभव हो तो कमरों में ताजी हवा आने दें।
  • बीमारी के लक्षणों को हल्के में लेना: छींक, गले में खराश, खांसी या बुखार जैसे लक्षण नजरअंदाज न करें। यदि लक्षण बिगड़ते हैं या लंबे समय तक बने रहते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें।
  • नींद और आहार की कमी: पर्याप्त नींद न लेना और खराब पोषण प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है। संतुलित आहार जिसमें फल और सब्जियां शामिल हों, जरूरी है।
  • स्वयं से दवा लेना: बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स न लें क्योंकि आम सर्दी-जुकाम वायरस से होता है और एंटीबायोटिक्स इन पर असर नहीं करते।

किसे अधिक सावधानी की जरूरत है?

अस्थमा, सीओपीडी, हृदय रोग और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को मौसम बदलने पर ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। डॉक्टर द्वारा सुझाए गए टीकाकरण करवाने से संक्रमण का खतरा कम हो सकता है।

सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार या लक्षणों में बिगड़ाव होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। स्वस्थ रहने के लिए सही कपड़े पहनना, पानी पीना, हाथों की सफाई और पर्याप्त नींद लेना महत्वपूर्ण है।

अस्वीकरण: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है और चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

स्रोत: tv9hindi.com

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