नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने 2 नवंबर 2023 को अरब सागर में मछली पकड़ने वाली ईरानी जहाज 'अजिनी' को समुद्री लुटेरों से बचाते हुए उसके 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाया। इस अभियान में भारतीय वायुसेना ने भी सहयोग दिया।
ईरान ने भारत के साहस और सहयोग की सराहना की
नई दिल्ली में स्थित इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास ने इस सफल बचाव अभियान के लिए भारत सरकार, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना का हार्दिक आभार जताया। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर कहा कि यह अभियान भारत और ईरान के बीच दोस्ती, एकजुटता और सहयोग की भावना का बड़ा उदाहरण है।
दूतावास ने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों का पेशेवर अंदाज, साहस और बेहतरीन तालमेल इस मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह दिखाता है कि भारत सीमाओं के पार लोगों की जान बचाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
48 घंटे चला समुद्री बचाव अभियान
यह बचाव अभियान मुंबई से 3000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर किया गया। भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस कोलकाता ने इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस सफल अभियान की सोशल मीडिया पर तारीफ करते हुए कहा कि यह कार्रवाई हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, लोगों की जान बचाने और स्थिरता बनाए रखने के प्रति भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।
भारत का समुद्री सुरक्षा में बढ़ता प्रभाव
यह घटना यह संकेत देती है कि भारत अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी मानवीय सहायता और सुरक्षा के लिए सक्रिय है। भारतीय नौसेना और वायुसेना के बीच सहयोग ने इस मुश्किल अभियान को सफल बनाया, जिससे 20 ईरानी नाविकों की जान बचाई गई।
पढ़ने वाले सवाल
- यह बचाव अभियान कब और कहाँ हुआ?
यह बचाव अभियान 2 नवंबर 2023 को अरब सागर में मुंबई से 3000 किलोमीटर दूर हुआ। - इस अभियान में किन भारतीय बलों ने भाग लिया?
भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना ने इस अभियान में मिलकर काम किया, जिसमें नौसेना के युद्धपोत आईएनएस कोलकाता ने प्रमुख भूमिका निभाई।
स्रोत: deshbandhu.co.in



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