वायु प्रदूषण के कारण त्वचा पर समय से पहले बूढ़ापन, रूखापन और जलन जैसी समस्याएं हो रही हैं।
हाल ही में कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से ऊपर पहुंच गया है। इस बढ़ते प्रदूषण का असर न सिर्फ सांसों पर बल्कि त्वचा पर भी गहरा पड़ रहा है। डॉ. प्रशांत सक्सेना, जो आर्टेमिस हॉस्पिटल में श्वसन रोग और क्रिटिकल केयर के चेयरपर्सन हैं, ने बताया कि प्रदूषण के संपर्क में रहने से त्वचा की उम्र जल्दी बढ़ने लगती है, लेकिन इसका प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग-अलग होता है।
प्रदूषण से त्वचा पर पड़ने वाले प्रभाव
डॉ. सक्सेना के अनुसार, हवा में मौजूद पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे सूक्ष्म कण त्वचा की सतह पर जम जाते हैं। इन कणों के साथ कई हानिकारक रसायन भी त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत को कमजोर कर देते हैं। इससे त्वचा की नमी बनाए रखने की क्षमता घट जाती है और रूखापन, जलन, खुजली जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
प्रदूषण का अंदरूनी असर
प्रदूषण शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाता है, जिससे फ्री रेडिकल्स त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। यह नुकसान कॉलेजन और इलास्टिन जैसे प्रोटीन को प्रभावित करता है, जो त्वचा को मजबूत, लचीला और तना हुआ बनाए रखते हैं। इनके क्षतिग्रस्त होने से झुर्रियां और फाइन लाइंस जल्दी दिखने लगती हैं।
निरंतर प्रदूषित हवा में रहने वाले लोगों की त्वचा बेजान, रूखी और रंगत में बदलाव के साथ झाइयां और काले धब्बे भी दिख सकते हैं। कुछ संवेदनशील लोगों को मुंहासों की समस्या भी हो सकती है।
त्वचा की सुरक्षा के लिए सुझाव
- घर आने के बाद चेहरे को माइल्ड क्लींजर से साफ करें।
- त्वचा के प्रकार के अनुसार मॉइश्चराइजर लगाएं ताकि नमी बनी रहे।
- रोजाना एसपीएफ 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं।
- आहार में एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल और सब्जियां जैसे अमरुद, संतरा और हरी सब्जियां शामिल करें।
मनीष रायसवाल, जो टीवी9 डिजिटल के लाइफस्टाइल बीट टीम लीड हैं, ने बताया कि वे 2015 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। उनका कहना है कि प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं को समझना और सही देखभाल करना जरूरी है।
स्रोत: tv9hindi.com



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