दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने Nora Fatehi को 6 नवंबर को 200 करोड़ रुपये की रंगदारी मामले में अभियोजन पक्ष की गवाह के रूप में पेश होने का समन भेजा है। यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने नोरा को पहले भी समन भेजा था, लेकिन उनकी गैरहाजिरी पर नाराजगी जताई गई।
मुख्य तथ्य
- नोरा Fatehi को 6 नवंबर को कोर्ट में गवाह के तौर पर पेश होने का नोटिस मिला।
- यह मामला 200 करोड़ रुपये की रंगदारी से जुड़ा है।
- सुकेश चंद्रशेखर ने दिल्ली की रोहिणी जेल में रहते हुए ठगी का आरोप झेला।
- नोरा को आरोपी नहीं, गवाह के रूप में पेश होने के लिए बुलाया गया है।
- नोरा के वकील ने व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग की थी।
कोर्ट में समन और नोरा की गैरमौजूदगी पर प्रतिक्रिया
विशेष न्यायाधीश गगनदीप सिंह ने कोर्ट में नोरा के वकील से पूछा कि समन उन्हें कब मिला था। वकील ने बताया कि उन्हें 29 अक्टूबर को इस बारे में जानकारी दी गई। कोर्ट ने कहा कि गवाह को पेश होना अनिवार्य है और उनकी गैरहाजिरी ठीक नहीं मानी जाएगी। अदालत ने कहा कि यह मामला हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
क्या है रंगदारी का मामला?
यह मामला 2020-21 का है, जिसमें सुकेश चंद्रशेखर पर आरोप है कि उन्होंने खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर पूर्व रैनबैक्सी प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूली। सुकेश ने दावा किया था कि वह उनके पति को जेल से बाहर निकलवाने में मदद कर सकता है।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले की जांच करके महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की है।
नोरा Fatehi की भूमिका क्या है?
जांच के दौरान नोरा से पूछताछ की गई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बातचीत सुकेश से उसकी पत्नी के माध्यम से हुई थी। उनका बयान मजिस्ट्रेट के सामने भी दर्ज किया गया। इसके बाद उन्हें अभियोजन पक्ष की गवाह बनाया गया।
अब 6 नवंबर को उनकी कोर्ट में पेशी को लेकर सबकी निगाहें हैं। यह स्पष्ट है कि नोरा इस मामले में आरोपी नहीं हैं, बल्कि गवाह के रूप में बुलाया गया है।
स्रोत: livetimes.news



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