Rajdaar Times
सोमवार, 2 नवंबर 2026
विज्ञापन
Rajdaar Times — यहाँ विज्ञापन दें
Rajdaar Times — यहाँ विज्ञापन दें

दिल्ली हाईकोर्ट ने JNU प्रोफेसर बिमोल अकोईजाम की बर्खास्तगी पर लगाई रोक

दिल्ली हाई कोर्ट ने JNU प्रोफेसर और सांसद अंगोमचा बिमोल अकोईजाम की बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगाई है। अगली सुनवाई जनवरी 2027 में होगी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने JNU प्रोफेसर बिमोल अकोईजाम की बर्खास्तगी पर लगाई रोक

दिल्ली हाई कोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोईजाम को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने JNU प्रशासन के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्हें 9 अक्टूबर को पद से बर्खास्त किया गया था। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने सोमवार को यह अंतरिम आदेश जारी किया। इस मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2027 में होगी।

मुख्य तथ्य

  • अकोईजाम को 9 अक्टूबर को JNU से बर्खास्त किया गया था।
  • दिल्ली हाई कोर्ट ने बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगाई है।
  • अकोईजाम ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
  • उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है और जांच जारी है।
  • अगली सुनवाई जनवरी 2027 में होगी।

अकोईजाम की याचिका और कोर्ट का फैसला

JNU के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में प्रोफेसर रहे और अब कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोईजाम ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा कि बर्खास्तगी का आदेश बिना कोई नोटिस दिए जारी किया गया, जो प्रक्रिया की अनदेखी है। अकोईजाम ने आरोपों से इनकार करते हुए कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।

कोर्ट ने इस दलील को मानते हुए बर्खास्तगी के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। साथ ही JNU प्रशासन को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा गया है।

प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के आरोप

अंगोमचा बिमोल अकोईजाम पर JNU में छात्राओं के यौन उत्पीड़न के 10 आरोप लगे हैं। इस संबंध में जेएनयू की आंतरिक समिति ने जांच कर आरोपों को सही पाया था। समिति ने प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके बाद कुलपति ने अपनी शक्तियों का प्रयोग कर उन्हें पद से बर्खास्त किया।

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर रखी है। अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

स्रोत: tv9hindi.com

यह खबर शेयर करें
संपादकीय टीम
संपादकीय टीम · Admin

राजदार टाइम्स की संपादकीय टीम।

संपादकीय टीम की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।