वैश्विक एजुकेशन संगठन Quacquarelli Symonds ने QS Asia University Rankings 2027 जारी कर दी हैं। इस रैंकिंग में भारत के 325 शैक्षणिक संस्थान शामिल हुए हैं। IIT दिल्ली को भारत में टॉप रैंक मिला है जो एशिया में 66वें स्थान पर है। साथ ही 71% भारतीय संस्थानों की रैंकिंग में पिछले साल की तुलना में गिरावट देखी गई है।
QS Asia 2027 में भारत के टॉप 200 विश्वविद्यालय
QS Asia 2027 रैंकिंग में कुल 1,722 विश्वविद्यालयों को स्थान दिया गया है, जिनमें 195 संस्थान पहली बार शामिल हुए हैं। टॉप 200 में भारत के 21 विश्वविद्यालय शामिल हैं, जो पिछले साल के मुकाबले एक अधिक है।
भारत के शीर्ष विश्वविद्यालय और उनकी रैंकिंग
- IIT दिल्ली – 66
- IISc बेंगलुरु – 79
- IIT बॉम्बे – 83
- IIT मद्रास – 85
- IIT खड़गपुर – 90
- IIT कानपुर – 97
- चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, पंजाब – 104
- दिल्ली यूनिवर्सिटी – 106
- IIT गुवाहाटी – 120
- IIT रुड़की – 124
- जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी – 128
- लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी – 154
- VIT वेल्लोर – 156
- BITS पिलानी – 161
- ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी – 165
- सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी – 175
- शूलिनी यूनिवर्सिटी – 177
- एमिटी यूनिवर्सिटी – 181
- जामिया मिलिया इस्लामिया – 183
- UPES – 183
- मणिपाल अकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन – 195
71% भारतीय संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट
QS Asia 2027 रैंकिंग में भारत के 325 संस्थानों को जगह मिली है, लेकिन 71% संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट आई है। 18% संस्थानों की रैंकिंग में सुधार हुआ है और 11% की रैंकिंग स्थिर रही।
पिछले साल के मुकाबले IIT दिल्ली की रैंकिंग 59वें से 66वें स्थान पर आई है। IISc बेंगलुरु 64वें से 79वें, IIT बॉम्बे 71वें से 83वें और IIT मद्रास 70वें से 85वें स्थान पर पहुंचा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी की रैंकिंग 95वें से 106वें स्थान पर आई है।
IIT कानपुर 77वें से 97वें, UPES 163वें से 183वें, और शूलिनी यूनिवर्सिटी 159वें से 177वें स्थान पर आई है। सबसे अधिक गिरावट महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, कोट्टायम की रैंकिंग में हुई है, जो 495वें से 697वें स्थान पर आ गई है।
"QS Asia 2027 रैंकिंग में भारत के 325 संस्थान शामिल हुए हैं, लेकिन 71% संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है।"
यह रैंकिंग क्यों महत्वपूर्ण है
QS Asia University Rankings विश्वभर के विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता और प्रतिष्ठा को दर्शाती है। भारत के लिए यह रैंकिंग शिक्षा क्षेत्र में सुधार और प्रतिस्पर्धा को समझने में मदद करती है। गिरावट दर्शाती है कि कई संस्थानों को गुणवत्ता बढ़ाने पर ध्यान देना होगा।
स्रोत: tv9hindi.com



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