गूगल ने स्कूलों में पढ़ने वाले K-12 स्तर के छात्रों के लिए AI टूल्स जैसे Gemini और Google Search की सुविधाएं इस्तेमाल करने के नियम बदल दिए हैं। अब इन्हें इस्तेमाल करने के लिए स्कूल प्रशासन की अनुमति अनिवार्य होगी। यदि कोई स्कूल AI टूल्स को बंद रखता है, तो उसके छात्र Google Search का भी उपयोग नहीं कर पाएंगे।
स्कूलों के लिए AI टूल्स पर नियंत्रण
इस नए नियम के अनुसार, स्कूल स्तर के छात्रों के अकाउंट में Gemini, Gemini Notebook, Gemini in Classroom और Google Search जैसी सेवाएं डिफॉल्ट रूप से बंद रहेंगी। इन्हें चालू करने के लिए स्कूल प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी होगा। इससे स्कूल अपनी नीतियों, छात्रों की उम्र और जरूरतों के अनुसार AI टूल्स के इस्तेमाल पर नियंत्रण रख सकेंगे। गूगल अगले कुछ महीनों में स्कूलों को इस बदलाव की पूरी जानकारी देगा।
नीति बदलाव के पीछे गूगल का मकसद
गूगल के शिक्षा विभाग के उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक क्रिस फिलिप्स ने बताया कि यह फैसला स्कूलों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं की सलाह के बाद लिया गया है। इसका उद्देश्य स्कूलों को अपनी कक्षाओं में AI तकनीक के इस्तेमाल को लेकर अधिक अधिकार देना है। अब स्कूल तय कर सकेंगे कि उनके छात्र किन डिजिटल टूल्स का उपयोग कर सकते हैं।
AI बंद रहने पर Google Search भी बंद होगा
क्रिस फिलिप्स ने बताया कि गूगल का सर्च इंजन अब AI तकनीक से गहराई से जुड़ा है। इसलिए यदि कोई स्कूल अपने छात्रों के लिए AI टूल्स पूरी तरह से बंद रखता है, तो Google Search की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होगी। ऐसे में छात्रों को स्क्रीन पर यह संदेश दिखेगा कि स्कूल ने यह सुविधा उपलब्ध नहीं कराई है।
स्कूलों में AI के इस्तेमाल पर विवाद
टीचर्स, पैरेंट्स और बाल विकास विशेषज्ञों ने स्कूलों में AI टूल्स के उपयोग को लेकर चिंता जताई है। अगस्त में गूगल ने Google Classroom उपयोग करने वाले छात्रों के लिए Gemini चैटबॉट शुरू करने की घोषणा की थी, जिसके बाद विरोध भी बढ़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में AI पर अधिक निर्भरता से बच्चों की सोचने और समस्या सुलझाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए गूगल का यह नया फैसला स्कूलों को AI के इस्तेमाल पर बेहतर नियंत्रण प्रदान करता है।
स्रोत: tv9hindi.com



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