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शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
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शेख हसीना का एलान- गिरफ्तारी या मौत का डर नहीं, दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी

वाशिंगटन के एक कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़ीं पूर्व प्रधानमंत्री ने भारत को शरण देने के लिए धन्यवाद दिया और तारिक रहमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

शेख हसीना का एलान- गिरफ्तारी या मौत का डर नहीं, दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग प्रमुख शेख हसीना ने कहा है कि गिरफ्तारी, यातना या मौत के खतरे के बावजूद वे दिसंबर में अपने देश लौटेंगी। सोमवार को वाशिंगटन डीसी में 'सेंटर फॉर यूएस-बांग्लादेश रिलेशंस' के एक कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल होकर उन्होंने कहा कि वापस जाना उनकी जिम्मेदारी है और इसमें कितना जोखिम है, इसकी उन्हें परवाह नहीं।

हसीना ने कहा कि मौजूदा तारिक रहमान सरकार उन्हें गिरफ्तार कर सकती है, प्रताड़ित कर सकती है या मार भी सकती है, लेकिन वे अपने समर्थकों के साथ खड़ी रहना चाहती हैं। हालांकि उन्होंने लौटने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने पत्रकारों से कहा कि तारीख अभी तय नहीं है और समय आने पर घोषणा की जाएगी।

भारत को कहा शुक्रिया

अगस्त 2024 में सरकार गिरने के बाद से भारत में रह रहीं हसीना ने कठिन दौर में शरण देने के लिए भारत सरकार और यहां के लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत ने उन्हें उसी तरह अपनाया, जैसे 1975 में अपनाया था, जब उनके परिवार के कई सदस्यों की हत्या हुई थी और वे तथा उनकी बहन बच निकली थीं। उन्होंने 1981 और 2007 का भी जिक्र किया, जब जान का खतरा होने के बावजूद वे स्वदेश लौटी थीं।

पूर्व प्रधानमंत्री ने रहमान सरकार पर उनके और अवामी लीग के नेताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमों के जरिए विपक्ष को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार को भ्रष्ट बताते हुए बेरोजगारी, महिलाओं से दुर्व्यवहार और जबरन वसूली जैसे आरोप लगाए और निष्पक्ष चुनाव की मांग की। साथ ही माना कि 2024 की घटनाओं को लेकर उनकी सरकार से कठिन सवाल पूछे गए हैं, जिनका निपटारा पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया से होना चाहिए। उन्होंने बदले की राजनीति के बजाय राष्ट्रीय सुलह पर जोर दिया।

हसीना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी धन्यवाद किया और कहा कि यूएसएआईडी की फंडिंग रोकने से पैसा गलत हाथों में जाने से बचेगा।

उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने नवंबर 2025 में 2024 के प्रदर्शनों पर कार्रवाई के मामले में हसीना को उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी, जिसे वे राजनीति से प्रेरित बताती हैं। ढाका ने भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग की है, जिस पर नई दिल्ली का कहना है कि वह अपनी आंतरिक कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत अनुरोध की जांच कर रही है।

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