अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी बहुमत खोती है तो वह वीटो का उपयोग कर डेमोक्रेट्स को समझौते के लिए मजबूर करेंगे।
बहुमत खोने पर वीटो का इस्तेमाल
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में अपना बहुमत खो देती है तो वे अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस स्थिति में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता उनसे बातचीत करने और समझौते के लिए मजबूर होंगे। ट्रंप ने कहा, "मैं हर चीज पर वीटो लगा दूंगा। तब डेमोक्रेट मेरे पास आएंगे और समझौता करेंगे।"
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस में सत्ता का बंटवारा उनकी सरकार की प्राथमिकताओं पर बड़ा असर नहीं डालेगा और राजनीतिक टकराव के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचने की आशंका गलत है।
चुनावी रैली और प्रचार पर ट्रंप की प्रतिक्रिया
फ्लोरिडा में चुनावी रैली के लिए जाने से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि रिपब्लिकन पार्टी की जीत निश्चित है। उन्होंने एक अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट को खारिज किया जिसमें उनके आक्रामक चुनाव प्रचार से मतदाताओं में नाराजगी बढ़ने और रिपब्लिकन उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचने की बात कही गई थी। ट्रंप ने रिपोर्ट के लेखक और रिपब्लिकन पूर्व रणनीतिकार कार्ल रोव को 'लूजर' कहा।
उन्होंने बताया कि उनकी रैलियों में बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं और इससे रिपब्लिकन उम्मीदवारों को फायदा होगा। हालांकि, रैलियों में भीड़ को चुनाव परिणाम का निश्चित संकेत नहीं माना जा सकता क्योंकि मतदाताओं की प्राथमिकताएं और स्थानीय मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं।
इल्हान उमर के नाम को लेकर विवाद
ट्रंप ने डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर से इस्तीफा देने की मांग की और एक अमेरिकी समाचार चैनल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि उनका असली नाम इल्हान नूर सईद एल्मी है। लेकिन इल्हान उमर के कार्यालय ने इसे पूरी तरह गलत बताया और कहा कि उनका असली नाम इल्हान उमर ही है। इस मुद्दे पर ट्रंप की टिप्पणी से राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
कैलिफोर्निया में चुनावी गड़बड़ी के आरोप
ट्रंप ने कैलिफोर्निया की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वहां 20 हजार फर्जी मतदाता तैयार किए गए हैं और बड़ी मात्रा में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि फर्जी मतदाताओं की संख्या लाखों में हो सकती है। इसके अलावा, मिनेसोटा और अन्य राज्यों की चुनाव प्रक्रियाओं पर भी संदेह जताया।
हालांकि, उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण नहीं दिखाया। चुनाव संबंधी आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच और चुनाव अधिकारियों के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए इन दावों को केवल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
मध्यावधि चुनाव से तय होगी राजनीतिक ताकत
मध्यावधि चुनाव में कांग्रेस के नियंत्रण से राष्ट्रपति की नीतियों पर असर पड़ेगा। रिपब्लिकन बहुमत बनाए रखने पर ट्रंप के लिए विधायी कार्य आसान होगा। लेकिन डेमोक्रेट बहुमत में आने पर बजट और प्रमुख विधेयकों पर टकराव बढ़ सकता है। ट्रंप ने जीत का भरोसा जताया है और संभावित विभाजित सरकार की स्थिति में भी आक्रामक रुख बनाए रखने की बात कही है।



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