विश्व स्ट्रोक दिवस पर सीएचसी हाजीपुर में लोगों को किया जागरूक
हाजीपुर,(एसपी शर्मा शास्त्री): सिविल सर्जन डॉ.मनदीप कमल के दिशा-निर्देशों के तहत विश्व स्ट्रोक दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हाजीपुर में लोगों को दिमागी दौरे (स्ट्रोक) के प्रति जागरूक किया गया। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ.रविंदर कौर ने लोगों को स्ट्रोक के लक्षणों, बचाव और समय पर उपचार के महत्व के बारे में जानकारी दी। डॉ.रविंदर कौर ने बताया कि स्ट्रोक एक गंभीर चिकित्सकीय आपात स्थिति है। यह तब होता है, जब मस्तिष्क तक रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है या मस्तिष्क की कोई रक्त वाहिका फट जाती है। इसके प्रमुख लक्षणों में चेहरे का एक तरफ टेढ़ा होना, बाजू या पैर में अचानक कमजोरी अथवा सुन्नपन, बोलने या समझने में परेशानी, नजर में अचानक बदलाव और शरीर का संतुलन बिगड़ना शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाना चाहिए, क्योंकि समय पर उपचार से जान बचाने और स्थायी दिव्यांगता के खतरे को कम करने में मदद मिलती है। उन्होंने स्ट्रोक से बचाव के लिए रक्तचाप, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने, संतुलित आहार लेने, नियमित व्यायाम करने, स्वस्थ वजन बनाए रखने तथा तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी। डॉ.कौर ने लोगों को FAST नियम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि चेहरे का टेढ़ा होना (Face), बाजू में कमजोरी (Arms) और बोलने में परेशानी (Speech) स्ट्रोक के प्रमुख चेतावनी संकेत हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर समय बर्बाद किए बिना (Time) तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार व समाज में भी स्ट्रोक के प्रति जागरूकता फैलाएं, ताकि समय पर पहचान और उपचार के माध्यम से अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकें।



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