भारत के हिंदी भाषी राज्यों के युवाओं के बीच एक नए सर्वे में 62% लोगों ने इजराइल को भारत का दूसरा सबसे अच्छा दोस्त बताया है। सर्वे में रूस पहले नंबर पर रहा। यह सर्वे अक्टूबर 2026 में इंडिया-इजराइल सेंटर ने किया था, जिसमें 21 से 40 साल के 1,023 लोगों ने हिस्सा लिया।
सर्वे का क्षेत्र और तरीका
यह सर्वे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड के युवाओं से हिंदी में ऑनलाइन और आमने-सामने बातचीत के जरिए किया गया। इन पांच राज्यों में करीब 42 करोड़ लोग रहते हैं, जो देश की एक तिहाई से ज्यादा आबादी है।
इजराइल के साथ भारत के सहयोग को लेकर राय
सर्वे में 42% लोगों ने माना कि इजराइल भारत के विकास में मदद करता है। भरोसे के मामले में इजराइल तीसरे नंबर पर रहा, जहां 57% ने उस पर भरोसा जताया। रूस और जापान इस मामले में इजराइल से आगे रहे।
जिन लोगों को भारत-इजराइल के सहयोग की जानकारी थी, उनमें 75% ने इजराइल पर भरोसा जताया, जबकि जानकारी न रखने वालों में यह आंकड़ा 43% था। 83% जानकार लोगों ने रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में इस सहयोग को भारत के लिए फायदेमंद बताया।
तकनीक के मामले में इजराइल को आगे बताने वालों की संख्या मई 2026 के 51% से बढ़कर अक्टूबर 2026 में 63% हो गई है।
खेती और रक्षा में सहयोग
61% लोगों ने रक्षा और तकनीकी सहयोग को भारत के लिए लाभकारी माना, जिनमें से 30% ने इसे बहुत ज्यादा फायदेमंद बताया। खेती, पानी और कारोबार में सहयोग को 60% ने जरूरी माना। जानकारी रखने वालों में यह प्रतिशत 75% था।
भारत में इजराइल की मदद से खेती के 35 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए गए हैं, जिनमें चार हिंदी पट्टी के राज्य उत्तर प्रदेश (बस्ती, कन्नौज) और बिहार (वैशाली, नालंदा) में हैं। यहां किसानों को बूंद-बूंद सिंचाई और सुरक्षित खेती की तकनीक सिखाई जाती है।
भारत-इजराइल रिश्ते और मजबूत होने चाहिए
सर्वे में 50% लोगों ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होने चाहिए। 28% मौजूदा रिश्ते बनाए रखने के पक्ष में और 13% उन्हें कम करना चाहते हैं। मई 2026 के सर्वे में यह संख्या 41% और 20% थी।
2025-26 में भारत और इजराइल के बीच 3.93 अरब डॉलर का व्यापार हुआ, जो पिछले साल के 3.62 अरब डॉलर से बढ़ा है। सितंबर 2025 में दोनों देशों ने निवेश समझौता किया था, और 2026 में मुक्त व्यापार समझौते के लिए दो दौर की बातचीत हुई।
शहरों में भरोसे का स्तर
गोरखपुर में 91% और वाराणसी में 88% लोगों ने इजराइल पर भरोसा जताया। रिपोर्ट के अनुसार, इन शहरों में खेती और रोजगार के कारण संपर्क बढ़ा है। हालांकि, किसी एक कारण को जिम्मेदार नहीं बताया गया है।
स्रोत: tv9hindi.com



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