विधायक बलविंदर धालीवाल ने नई अनाज मंडी का दौरा कर सुनीं किसानों व आढ़तियों की समस्याएं,
पंजाब में 40 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद के प्रबंध कम पड़ने की आशंका
फगवाड़ा,(शिव कौड़ा): विधायकस.बलविंदर सिंह धालीवाल ने आज होशियारपुर रोड स्थित नई अनाज मंडी का दौरा कर किसानों और आढ़तियों से मुलाकात की तथा धान की सरकारी खरीद में आ रही समस्याओं का जायजा लिया।किसानों और आढ़तियों ने सरकार द्वारा धान की खरीदरो के जाने पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि मंडियों में लगातार फसल की आवक हो रही है, लेकिन खरीद प्रक्रिया प्रभावित होने के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों और आढ़तियों ने खरीद के लिए निर्धारित सरकारी लक्ष्य तथा मंडियों में पहुंच रही धान की वास्तविक मात्रा के बीच बड़े अंतर का मुद्दा उठाया।उन्होंने आशंका जताई कि यदि सरकार ने समय रहते खरीद के उचित प्रबंधन हीं किए तो किसानों की बड़ी मात्रा में फसल मंडियों में ही अटक सकती है। मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक धालीवाल ने बताया कि पंजाब में इस सीजन के दौरान धान की सरकारी खरीद के लिए 1.80 करोड़ मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि कुल आवक लगभग 2.20 करोड़ मीट्रिक टन रहने की उम्मीद है।ऐसे में करीब 40 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद के लिए अतिरिक्त प्रबंधों की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि नई अनाज मंडी में अब तक 8 लाख 17 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है, जबकि 4 नवंबर 2026 तक मंडी में कुल आवक 10 लाख 22 हजार क्विंटल दर्ज की गई है।इसके अतिरिक्त अकेले फगवाड़ा मंडी में करीब एक लाख मीट्रिक टन और धान पहुंचने की संभावना है।इससे खरीद व्यवस्था पर दबाव और बढ़ने की आशंका है। विधायक ने कहा कि खरीद संबंधी समस्या केवल फगवाड़ा की मुख्य अनाज मंडी तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र की अन्य छह मंडियों रावल पिंडी, रिहाणा जट्टां, वाहद, जगतपुर जट्टां, रानीपुर और पांछट में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। इन सभी मंडियों को मिलाकर करीब 1.50 से 1.75 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद अभी बाकी है। धालीवाल ने कहा कि सरकार ने पिछले वर्ष की फसल को आधार बनाकर खरीद के प्रबंध किए, जबकि पिछले साल बाढ़ के कारण धान की काफी फसल बर्बाद हो गई थी। इसके विपरीत इस बार पैदावार अधिक हुई है। सरकार को पहले से ही अधिक उत्पादन का अनुमान लगाकर उसी के अनुसार खरीद और अलॉटमेंट की व्यवस्था करनी चाहिए थी। आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारियों और किसानों ने सरकार से मांग की कि धान की सरकारी खरीद तत्काल सुचारू रूप से शुरू करवाई जाए तथा मंडियों में पहुंच रही फसल के अनुरूप खरीद का अलॉटमेंट बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि खरीद में देरी से किसानों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकार को इस समस्या का शीघ्र समाधान करना चाहिए, ताकि किसानों को अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए मंडियों में इंतजार न करना पड़े।



टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।