संक्षिप्त परिचय
अमेरिका ईरान के खिलाफ 96 घंटे के भीतर सैन्य अभियान शुरू करने की तैयारी में है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है। तनाव के बीच क्षेत्र में युद्ध का खतरा बढ़ सकता है।
संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके लक्ष्य
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सेना को आदेश मिलने के 96 घंटे के भीतर ईरान पर बड़ा सैन्य अभियान शुरू करने की स्थिति में रखा है। इस अभियान में केवल रडार और मिसाइल लॉन्चर तक सीमित नहीं रहकर ऊर्जा ढांचा और परमाणु सुविधाएं भी शामिल हो सकती हैं। हालांकि, यह योजना अभी केवल तैयार है और ट्रंप ने अंतिम निर्णय नहीं लिया है। कुछ अमेरिकी अधिकारी मानते हैं कि मिडटर्म चुनाव के बाद इस कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।
ईरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय तनाव
अमेरिकी खुफिया जानकारी के अनुसार, ईरान और हूती समूह अमेरिका या इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा प्रतिष्ठान भी खतरे में आ सकते हैं। सऊदी अरब को इस बात की चिंता है और उसके रक्षा मंत्री 26 अक्टूबर को ईरान की यात्रा पर गए हैं ताकि तनाव कम करने और बातचीत के रास्ते खोजे जा सकें। अमेरिका ने भी अपने कुछ राजनयिक कर्मचारियों की संख्या क्षेत्र में घटाई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और इजरायल की भूमिका
तनाव का एक महत्वपूर्ण केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य है, जहां अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने सैनिकों से मुलाकात की। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है, इसलिए यहां सैन्य टकराव का असर तेल बाजार पर पड़ सकता है। इजरायल भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की पैरवी कर रहा है, हालांकि नेतन्याहू कार्यालय ने कुछ रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ट्रंप सैन्य विकल्प चुनेंगे या कूटनीति को मौका देंगे।



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