उत्तर प्रदेश में आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने की योजना बना रहे किसानों को आवेदन के लिए कुछ और दिन मिल गए हैं। कृषि विभाग ने अनुदान पर कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर से बढ़ाकर 27 अक्टूबर कर दी है। यह योजना 2 अक्टूबर को शुरू हुई थी और इसके तहत पात्र किसानों को यंत्रों की खरीद पर 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान है।
आजमगढ़ के जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि किसानों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए विभागीय पोर्टल सक्रिय कर दिया गया है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार इस पोर्टल पर यंत्रों की बुकिंग करा सकते हैं। योजना का मकसद खेती की लागत घटाना और किसानों के लिए आधुनिक मशीनों की खरीद आसान बनाना है।
किन यंत्रों पर मिलेगा लाभ
योजना में जुताई, बुवाई, छिड़काव और कटाई में काम आने वाले कई उपकरण शामिल हैं। इनमें ट्रैक्टर, सुपर सीडर, रोटावेटर, स्प्रेयर और कंबाइन हार्वेस्टर जैसे यंत्र प्रमुख हैं। किसान अपने निजी उपयोग के लिए यंत्र ले सकते हैं या फिर सामूहिक उपयोग के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर भी स्थापित कर सकते हैं।
कस्टम हायरिंग सेंटर योजना में 10 लाख रुपये तक के कृषि यंत्र खरीदे जा सकते हैं, जिन पर सरकार 4.5 लाख रुपये तक का अनुदान देती है। ऐसे सेंटर चलाने वाले किसान इन मशीनों का इस्तेमाल अपने खेतों में करने के साथ-साथ दूसरे किसानों को किराये पर भी दे सकते हैं। इससे छोटे किसानों को भी आधुनिक मशीनें मिल सकेंगी और यंत्र मालिक को अतिरिक्त आय होगी।
किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए फार्म मशीनरी बैंक के तहत अलग व्यवस्था रखी गई है। निर्धारित मानक पूरे करने वाले एफपीओ अधिकतम 17 लाख रुपये तक के यंत्र खरीद सकते हैं, जिन पर 12 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकता है। इसके लिए सदस्यों की तय संख्या और संगठन के संचालन की अवधि से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होंगी।
लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी से किया जाएगा। समय पर बुकिंग कराने वाले पात्र किसान और एफपीओ ही चयन प्रक्रिया में शामिल होंगे और लॉटरी में नाम आने के बाद ही अनुदान पर यंत्र मिलेंगे। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि आवेदन से पहले पात्रता और नियमों की जानकारी जरूर ले लें।



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