भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे और आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 92 रन की बड़ी जीत दर्ज की। इसके साथ ही भारत ने तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। इस मैच की सबसे बड़ी कहानी पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर की फॉर्म में वापसी रही, जिन्होंने 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन की तूफानी पारी खेली।
पिछले कुछ समय से हरमनप्रीत के लिए राह आसान नहीं थी। टी20 एशिया कप की धीमी पिचों पर उनका बल्ला नहीं चला और जापान में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली टीम में भी उन्हें बल्लेबाजी का ज्यादा मौका नहीं मिला। इस सीरीज से पहले उन्होंने कप्तानी भी छोड़ दी थी। रायपुर में 10 चौकों और 5 छक्कों से सजी पारी के बाद पारी ब्रेक के दौरान बातचीत में वह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि क्रीज पर समय बिताकर अच्छा लगा और वह बस बल्लेबाजी का आनंद लेते हुए लंबी पारी खेलना चाहती थीं।
मंधाना का अलग फैसला, शेफाली का धमाका
कप्तान स्मृति मंधाना ने बाकी बल्लेबाजों को क्रीज पर समय देने के लिए खुद ओपनिंग नहीं की और अनुष्का शर्मा को ऊपर भेजा। शेफाली वर्मा और अनुष्का ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 32 गेंदों में 54 रन जोड़ दिए। शेफाली ने लगातार दूसरा अर्धशतक लगाते हुए 37 गेंदों में 6 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 69 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद हरमनप्रीत ने मोर्चा संभाला और भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 216 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम कभी मुकाबले में नजर नहीं आई और 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 124 रन ही बना सकी। भारत की ओर से नंदनी शर्मा सबसे सफल गेंदबाज रहीं, जिन्होंने 3 विकेट लिए। क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, दीप्ति शर्मा और निकी प्रसाद को एक-एक सफलता मिली।
टी20 सीरीज में एकतरफा जीत के बाद अब दोनों टीमें वनडे मुकाबलों के लिए आमने-सामने होंगी। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 23 अक्टूबर से वडोदरा में शुरू होगी। हरमनप्रीत की लय में वापसी से टीम प्रबंधन को आगामी मुकाबलों से पहले बड़ी राहत मिली है।



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