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शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
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राइस मिलरों की हड़ताल से धान की लिफ्टिंग पर संकट, किसानों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें : नरेश भारद्वाज

मिलों में लंबित चावल की डिलीवरी का मामला सुलझाने की मांगवजीदोवाल गोदाम में भंडारण की अनुमति देने का सुझावफगवाड़ा, (शिव कौड़ा): फगवाड़ा में राइस मिल मालिकों की हड़ताल के चलते धान की लिफ्टिंग प्रभावित…

राइस मिलरों की हड़ताल से धान की लिफ्टिंग पर संकट, किसानों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें : नरेश भारद्वाज
राइस मिलरों की हड़ताल से धान की लिफ्टिंग पर संकट, किसानों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें : नरेश भारद्वाज

मिलों में लंबित चावल की डिलीवरी का मामला सुलझाने की मांग

वजीदोवाल गोदाम में भंडारण की अनुमति देने का सुझाव
फगवाड़ा, (शिव कौड़ा): फगवाड़ा में राइस मिल मालिकों की हड़ताल के चलते धान की लिफ्टिंग प्रभावित होने की आशंका पर जिला कपूरथला आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान एवं मार्केट कमेटी फगवाड़ा के पूर्व चेयरमैन नरेश भारद्वाज ने चिंता जताई है। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की कि राइस मिल मालिकों के साथ जल्द बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए, ताकि मंडियों में धान की खरीद और उठान का काम सुचारू रूप से चलता रहे। नरेश भारद्वाज ने कहा कि अभी मंडियों में धान की करीब 40 प्रतिशत आवक हुई है और आने वाले दिनों में बड़ी मात्रा में फसल पहुंचने की संभावना है। यदि हड़ताल लंबी खिंचती है, तो मंडियों में बोरियों के ढेर लग सकते हैं, जगह की कमी हो सकती है और किसानों, आढ़तियों तथा मजदूरों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि राइस मिल मालिकों की मुख्य समस्या पिछली खेप के चावल की डिलीवरी और उससे जुड़ी शर्तों को लेकर है। उनके अनुसार, फगवाड़ा के राइस मिलों में करीब 350 गाड़ियों के बराबर चावल लंबित है। सरकार की ओर से इस स्टॉक को 31 अक्टूबर तक जमा करवाने अथवा निर्धारित दर के अनुसार करीब 4,200 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान करने की शर्त को लेकर मिलर असंतुष्ट हैं। उनका कहना है कि मौजूदा बाजार भाव के मुकाबले यह शर्त आर्थिक रूप से कठिन है।
वजीदोवाल गोदाम में भंडारण का सुझाव…
भारद्वाज ने कहा कि फगवाड़ा के निकट गांव वजीदोवाल स्थित वेयरहाउस के गोदामों में करीब 700 गाड़ियों के बराबर चावल रखने की क्षमता होने का दावा है। यदि संबंधित विभाग इसकी उपलब्धता की पुष्टि कर वहां चावल रखने की अनुमति देते हैं, तो मिलों में जगह खाली हो सकती है और लंबित चावल की डिलीवरी के साथ नई फसल की मिलिंग का रास्ता भी आसान हो सकता है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में पहले भी संबंधित अधिकारियों और मिल मालिकों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। सरकार को सभी व्यावहारिक विकल्पों पर विचार करते हुए जल्द सहमति बनानी चाहिए।
किसानों, आढ़तियों और मजदूरों की आजीविका पर असर की आशंका…
नरेश भारद्वाज ने कहा कि धान की खरीद व्यवस्था से किसान, आढ़ती, पल्लेदार, ट्रांसपोर्टर और मंडियों से जुड़े अनेक लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। यदि धान की लिफ्टिंग बाधित होती है, तो किसानों को फसल उतारने के लिए जगह मिलने में दिक्कत आ सकती है और मंडियों का कामकाज भी प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि राइस मिल मालिकों के साथ तत्काल बैठक कर लंबित चावल की डिलीवरी और भंडारण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए, ताकि हड़ताल समाप्त हो और धान की खरीद, भंडारण तथा लिफ्टिंग की प्रक्रिया बिना रुकावट जारी रह सके।

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