पंजाब के मानसा शहर के वार्ड नंबर 5 में मंगलवार को एक पुलिसकर्मी ने अपने परिवार पर गोलियां चला दीं और फिर खुद को भी गोली मार ली। इलाज के दौरान पुलिसकर्मी और उसके 10 साल के बेटे की मौत हो गई, जबकि पत्नी और छह साल का छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल हैं। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान गुरविंदर सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब पुलिस में कर्मचारी था। कुछ रिपोर्टों में उसे हेड कांस्टेबल और उपायुक्त का गनमैन बताया गया है। वह दो दिन की छुट्टी लेकर घर आया हुआ था। प्राथमिक कारण घरेलू कलह बताया जा रहा है, हालांकि पूरी वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सरकारी पिस्तौल से चलाई गोलियां
बताया गया है कि वारदात में उसके नाम पर जारी 9 एमएम की सरकारी पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ। पहले उसने बड़े बेटे पर गोली चलाई, फिर छोटे बेटे पर। बच्चों को बचाने के लिए आगे आई पत्नी पर भी फायर किया गया। गोली लगने के बाद भी महिला जान बचाने के लिए घर से बाहर की ओर भागी। अंत में पुलिसकर्मी ने खुद को गोली मार ली।
वारदात की जानकारी सुबह तब सामने आई, जब पड़ोसियों ने घायल हालत में महिला को घर के बाहर देखा। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और सभी घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने गुरविंदर सिंह और उसके बड़े बेटे को मृत घोषित कर दिया। पत्नी और छोटे बेटे की नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके में पुलिस की तैनाती कर दी गई। घटना की परिस्थितियों की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने और घायलों की हालत सुधरने के बाद ही साफ हो सकेगी।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब मानसा पहले से ही सुर्खियों में है। इसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मानसा दौरा भी था। परिवारों में बढ़ते तनाव और घरेलू विवादों के समय रहते समाधान की जरूरत पर यह घटना एक बार फिर ध्यान खींचती है। मानसिक तनाव झेल रहे लोगों को परिवार, दोस्तों या विशेषज्ञ की मदद लेने से हिचकना नहीं चाहिए।



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