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शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
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सीजेपी नेताओं की रिहाई मांगने पर घिरे नवीन पटनायक, भाजपा बोली- यह भीड़तंत्र नहीं

ओडिशा भाजपा ने बीजद प्रमुख पर देश में बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश और सत्ता परिवर्तन की मुहिम का समर्थन करने का आरोप लगाया।

सीजेपी नेताओं की रिहाई मांगने पर घिरे नवीन पटनायक, भाजपा बोली- यह भीड़तंत्र नहीं
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक (फाइल फोटो) (फोटो: TeachAIDS, विकिमीडिया कॉमन्स, CC BY-SA 2.0)

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दो नेताओं की रिहाई की मांग कर बीजू जनता दल (बीजद) प्रमुख नवीन पटनायक भाजपा के निशाने पर आ गए हैं। ओडिशा में सत्तारूढ़ भाजपा ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री राजनीतिक लाभ के लिए देश में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करना चाहते हैं।

पटनायक ने सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को तुरंत रिहा करने की मांग की थी। दोनों 13 अक्तूबर को जंतर-मंतर की ओर मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए थे और तब से न्यायिक हिरासत में हैं। बीजद प्रमुख का कहना था कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए, भले ही वह प्रतिबंधित क्षेत्र में हो, किसी को लंबे समय तक हिरासत में नहीं रखा जाना चाहिए।

भाजपा का तीखा पलटवार

मंगलवार को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भाजपा ने पटनायक पर सत्ता परिवर्तन की कोशिशों का साथ देने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि वे 24 साल तक मुख्यमंत्री रहे और सत्ता से बाहर हुए अभी मुश्किल से 24 महीने हुए हैं, लेकिन वे ऐसी ताकतों के साथ खड़े हो गए हैं, जिन्हें भाजपा ने अराजक और विदेशी धन से चलने वाली भारत-विरोधी ताकतें बताया। पार्टी ने उन पर राज्य में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को बसाने और अब एसआईआर प्रक्रिया का विरोध करने का भी आरोप लगाया।

भाजपा ने कहा कि ओडिशा के लोग हमेशा शांतिप्रिय रहे हैं और देश की संप्रभुता का सम्मान करते हैं। पार्टी के मुताबिक देश की संप्रभुता किसी भी अस्थायी राजनीतिक प्रचार से कहीं ज्यादा अहम है।

भाजपा प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने भी पटनायक पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तरह सुर्खियां बटोरने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। बिस्वाल ने कहा कि भारत एक लोकतंत्र है, 'मॉबोक्रेसी' यानी भीड़तंत्र नहीं। उन्होंने याद दिलाया कि एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने शांति भंग और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के आधार पर दोनों नेताओं को 21 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था।

बिस्वाल ने आरोप लगाया कि नवीन पटनायक, राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च वाले तरीके को अपनाकर न्यायिक व्यवस्था पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसकी उम्मीद एक पूर्व मुख्यमंत्री से नहीं की जाती। उन्होंने फ्रांस, स्पेन, बेल्जियम और इटली में सड़कों पर फैली अशांति का हवाला देते हुए कहा कि भारत में ऐसे हालात बनने का इंतजार नहीं किया जा सकता।

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