लाहौर में खेले गए वनडे त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने श्रीलंका को 3 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस मुकाबले में पाकिस्तान ने श्रीलंका द्वारा दिए गए 326 रनों के लक्ष्य को 48.3 ओवरों में पूरा किया। यह वनडे फाइनल में सबसे बड़े सफल रन-चेज में से एक है, जो 2002 में लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच हुए मैच के बराबर है।
श्रीलंका की मजबूत शुरुआत
श्रीलंकाई टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की। अविष्का फर्नांडो ने कामिंदु मेंडिस के साथ पहले विकेट के लिए 104 गेंदों में 87 रन की साझेदारी की। अविष्का ने 49 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 38 रन बनाए। इसके बाद कामिंदु मेंडिस ने कप्तान कुसल मेंडिस के साथ 22 रन की साझेदारी की, लेकिन कुसल 8 रन बनाकर आउट हो गए।
टीम ने पहले दो विकेट 109 रन पर खो दिए। उसके बाद कामिंदु मेंडिस ने पवन रत्नायके के साथ तीसरे विकेट के लिए 146 रन जोड़े। कामिंदु ने 128 गेंदों में 2 छक्के और 12 चौकों की मदद से 131 रन बनाए। रत्नायके ने 65 गेंदों में 8 चौकों के सहारे 77 रन बनाए।
पाकिस्तान की पारी और फखर जमां का शतक
पाकिस्तान की टीम को शुरुआत में दो झटके 14 रन पर लगे, लेकिन इसके बाद फखर जमां ने साद बेग के साथ तीसरे विकेट के लिए 149 रन जोड़े। साद बेग ने 75 गेंदों में 11 चौकों की सहायता से 74 रन बनाए।
फखर जमां ने सलमान आगा के साथ चौथे विकेट के लिए 57 रन जोड़े और 99 गेंदों में 11 चौकों की मदद से 127 रन बनाकर आउट हुए। सलमान ने 17 रन जोड़े।
पाकिस्तान को पांचवां विकेट 230 रन पर गिरा, लेकिन हसन नवाज (नाबाद 37) और अराफात मिन्हास (61) ने छठे विकेट के लिए 94 रन जोड़े और टीम को जीत दिलाई।
गेंदबाजी में मुकाबला
पाकिस्तान की तरफ से कप्तान शाहीन अफरीदी, नसीम शाह, सलमान आगा और हारिस रऊफ ने 2-2 विकेट लिए। श्रीलंका की ओर से दिलशान मदुशंका ने 3 विकेट लिए जबकि असिथा फर्नांडो ने 2 विकेट झटके।
स्रोत: deshbandhu.co.in



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