देश के विभिन्न शहरों में 29 अक्टूबर 2026 को करवा चौथ के चंद्रमा का दीदार हो गया है। असम के गुवाहाटी में चांद साफ दिखाई दिया, जिसके बाद सुहागिनों ने अपना व्रत खोलना शुरू कर दिया। हालांकि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बादलों के कारण चंद्रमा नहीं दिखा, लेकिन व्रत खोलने का समय पूरा हो चुका है।
शहरों में चंद्रमा निकलने का समय
दिल्ली-एनसीआर में चांद रात 8:17 बजे से दिखाई देना शुरू हुआ। लखनऊ में यह समय 8:06 बजे, जयपुर में 8:28 बजे, मुंबई में 9:00 बजे, कोलकाता में 7:47 बजे शाम और बेंगलुरु में 8:55 बजे है। गुवाहाटी में साफ चांद देखने को मिला, जबकि कुछ इलाकों में बादलों के कारण चंद्रमा नहीं दिखा।
चांद न दिखने पर व्रत खोलने का तरीका
बादलों या खराब मौसम के कारण चंद्रमा नजर न आने पर व्रत खोलना अनिवार्य होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के मस्तक पर चंद्र देव विराजमान होते हैं। इसलिए इस स्थिति में घर के मंदिर में भगवान शिव की तस्वीर या प्रतिमा के मस्तक पर चंद्र देव के दर्शन कर व्रत खोल सकते हैं।
करवा चौथ व्रत की परंपराएं
सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाकर निर्जला व्रत शुरू करती हैं। दिनभर अन्न-जल ग्रहण न करते हुए वे शाम को भगवान गणेश और करवा माता की पूजा करती हैं। चंद्रमा दिखाई देने पर छत या खुले स्थान पर पूजा की थाली लेकर चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं। इसके बाद छलनी से पहले चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखकर पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोलती हैं।
पूजा और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1 बजकर 6 मिनट पर शुरू हुई और रात 10 बजकर 9 मिनट पर समाप्त होगी। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक है। दिल्ली में चंद्रोदय का समय रात 8:17 बजे है।
मंत्रों का जाप
चंद्रमा को अर्घ्य देते समय महिलाएं "ॐ चन्द्राय नमः" और "ॐ सोमाय नमः" मंत्रों का जाप कर सकती हैं। इस दौरान पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक सुख-शांति की कामना की जाती है। पूजा के बाद परंपरा अनुसार पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोलना होता है।
करवा चौथ का महत्व
करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना का पर्व है। यह त्यौहार महिलाओं में उत्साह और श्रद्धा का प्रतीक है जो पूरे देश में मनाया जाता है।
मुख्य तथ्य
- गुवाहाटी में साफ चांद दिखा, कई शहरों में बादलों के कारण नहीं दिखा।
- दिल्ली-एनसीआर में चांद रात 8:17 बजे से नजर आया।
- चांद न दिखने पर भगवान शिव की पूजा से व्रत खोल सकते हैं।
- पंचांग के अनुसार व्रत की तिथि 29 अक्टूबर को रात 10:09 बजे समाप्त होगी।
- छलनी से चांद और पति का चेहरा देखकर व्रत पारण किया जाता है।
स्रोत: tv9hindi.com



टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।