भाषा, साहित्य, अनुसंधान एवं नवाचार पर विशेषज्ञों ने सांझा किए विचार
"बेहतर कल के लिएज् आज का नवाचार!"
मुकेरियां,(राजदार टाइम्स): दसमेश गल्र्स कॉलेज चक् अल्ला बख़्श के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग द्वारा अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल के तत्वावधान में राष्ट्रीय नवाचार दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य भारत के महान वैज्ञानिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे अब्दुल कलाम के विचारों से प्रेरणा लेते हुए विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार, उद्यमिता एवं अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करना था। इस अवसर पर लगभग 50 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संगोष्ठी के दौरान डॉ.रीना कुमारी, विभागाध्यक्षा, स्नातकोत्तर हिंदी विभाग ने ‘भाषा, साहित्य एवं नवाचार’ विषय पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने भाषा एवं साहित्य के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नवाचार केवल विज्ञान और तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि भाषा, साहित्य, विचारों एवं अभिव्यक्ति के क्षेत्र में भी इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवीन विचारों को अपनाने, रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने तथा साहित्य के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इसके पश्चात् डॉ.मनिंदरजीत कौर, सहायक प्रोफेसर, पंजाबी विभाग ने ‘आधुनिक युग में डॉ.ए.पी.जे अब्दुल कलाम के विचारों की प्रासंगिकता’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने डॉ.कलाम के प्रेरणादायक जीवन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शिक्षा के प्रति समर्पण तथा युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करने वाले विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, परिश्रम, नवाचार एवं अनुसंधान के माध्यम से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। संगोष्ठी के समापन अवसर पर प्राचार्या डॉ.मीतू महाजन ने अपने समापन वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, स्वतंत्र चिंतन, रचनात्मकता एवं शोधपरक अभिरुचि विकसित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को डॉ.कलाम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया। इस संगोष्ठी ने विद्यार्थियों को भाषा, साहित्य, अनुसंधान एवं नवाचार के पारस्परिक संबंधों को समझने तथा नवीन विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहायक प्रोफेसर मानव एवं सहायक प्रोफेसर रूपाली ने सहयोग दिया। इस अवसर पर प्राध्यापकगण एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं। श्री गुरु गोबिंद सिंह एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन स.रविंदर सिंह चक्क सदस्य एस.जी.पी.सी श्री अमृतसर तथा समस्त समिति सदस्यों ने इस ज्ञानवर्धक आयोजन की सराहना करते हुए कार्यक्रम संयोजकों को शुभकामनाएँ दीं और भविष्य में भी विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं शैक्षणिक विकास के लिए ऐसे उपयोगी कार्यक्रम आयोजित करते रहने हेतु प्रोत्साहित किया।
दसमेश गल्र्स कॉलेज में नवाचार दिवस के उपलक्ष्य में स्नातकोत्तर हिंदी विभाग व अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान से राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
भाषा, साहित्य, अनुसंधान एवं नवाचार पर विशेषज्ञों ने सांझा किए विचार"बेहतर कल के लिएज् आज का नवाचार!"मुकेरियां,(राजदार टाइम्स): दसमेश गल्र्स कॉलेज चक् अल्ला बख़्श के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग द्वारा…



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