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गुरुवार, 5 नवंबर 2026
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NCTE ने ITEP ग्रेजुएट्स को CTET और STET में शामिल करने की समीक्षा शुरू की

NCTE ने CTET और STET की योग्यता शर्तों में ITEP ग्रेजुएट्स को शामिल करने की समीक्षा के लिए समिति बनाई है।

NCTE ने ITEP ग्रेजुएट्स को CTET और STET में शामिल करने की समीक्षा शुरू की

NCTE ने CTET और STET की योग्यता शर्तों में बदलाव के लिए ITEP ग्रेजुएट्स को शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।

मुख्य तथ्य

  • NCTE ने CTET और STET के लिए योग्यता मानदंडों की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाई है।
  • इसमें ITEP (इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम) ग्रेजुएट्स को भी परीक्षा में शामिल करने का प्रस्ताव है।
  • ITEP एक चार वर्षीय कोर्स है जो 12वीं के बाद शुरू किया जा सकता है और यह बीएड के बराबर माना जाता है।
  • समिति की अध्यक्षता प्रोफेसर चंद किरण सलूजा कर रहे हैं, जिसमें NCERT, KVS, शिक्षा मंत्रालय, NCTE और CBSE के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
  • पहला ITEP बैच 2027-28 में पास आउट होगा।

ITEP क्या है?

इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किया गया एक चार वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स है। इसे 12वीं के बाद किया जा सकता है, जो मौजूदा दो वर्षीय बीएड कोर्स के समकक्ष माना जाता है। वर्तमान में 409 उच्च शिक्षा संस्थानों को ITEP चलाने की अनुमति मिली है, जहां 777 यूनिट्स के माध्यम से 38,850 छात्रों को प्रवेश दिया जा सकता है।

हालांकि NCTE ने ITEP को शिक्षण कोर्स के रूप में मान्यता दी है, लेकिन CTET और STET परीक्षाओं में इसे अभी तक योग्यता की सूची में शामिल नहीं किया गया है।

NCTE की गठित समिति के बारे में

NCTE ने CTET और STET के लिए योग्यता मानदंडों की समीक्षा और सुधार के उद्देश्य से एक विशेषज्ञ समिति बनाई है। इस समिति की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन (CIE) के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर चंद किरण सलूजा कर रहे हैं। समिति में NCERT, केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), शिक्षा मंत्रालय, NCTE और CBSE के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

समिति के कार्य और प्रस्तावित बदलाव

यह समिति मौजूदा CTET और STET के योग्यता मानदंडों की समीक्षा करेगी। खासतौर पर यह जांच करेगी कि कैसे ITEP ग्रेजुएट्स को इन परीक्षाओं में शामिल किया जा सकता है। साथ ही, CTET और STET से जुड़ी वर्तमान नियमावली की भी समीक्षा की जाएगी। जहां आवश्यक होगा, ITEP के अनुरूप नियमों में बदलाव के सुझाव भी समिति से आएंगे।

यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ITEP का पहला बैच 2027-28 में पास आउट होने वाला है और उनके लिए शिक्षण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए योग्यता मानदंडों में स्पष्टता जरूरी है।

स्रोत: tv9hindi.com

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