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शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
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केरल PSC भर्ती परीक्षा में ऑनलाइन स्टडी मटेरियल से 45 सवालों की नकल पर जांच तेज

केरल PSC भर्ती परीक्षा में ऑनलाइन अध्ययन सामग्री से 45 सवालों की नकल के आरोपों की जांच तेज, दो अधिकारी गिरफ्तार।

केरल PSC भर्ती परीक्षा में ऑनलाइन स्टडी मटेरियल से 45 सवालों की नकल पर जांच तेज

केरल लोक सेवा आयोग (PSC) की सहायक मोटर वाहन निरीक्षक भर्ती परीक्षा में 45 सवालों को ऑनलाइन स्टडी मटेरियल से हूबहू कॉपी करने के आरोप मिलने पर क्राइम ब्रांच की जांच तेज हो गई है। इस मामले में अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और अन्य भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की भी जांच जारी है।

कौन और कब दर्ज हुई शिकायत?

एर्नाकुलम जिले के पेरुम्बावूर के राहुल राज की शिकायत पर शुक्रवार को मामला दर्ज किया गया। शिकायत में केरल PSC के अज्ञात अधिकारियों पर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं करने के आरोप लगाए गए हैं। FIR में कहा गया है कि सहायक मोटर वाहन निरीक्षक परीक्षा के 45 प्रश्न स्कैमवेदा ऑनलाइन स्टडी मटेरियल्स और Sanfoundry.com जैसे प्लेटफॉर्म से हूबहू लिए गए थे।

क्या हैं अन्य आरोप?

शिकायत में यह भी आरोप है कि निर्धारित शारीरिक मानकों को पूरा न करने वाले उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया गया और आवेदन की अंतिम तारीख से पहले पात्रता संबंधी योग्यताओं में बदलाव किया गया। इन वजहों से 2 सितंबर 2024 को जारी रैंक लिस्ट में अयोग्य उम्मीदवारों का चयन हुआ, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर नहीं मिल पाए। मामला भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।

मत्स्य विभाग और अन्य भर्तियों में गड़बड़ी?

क्राइम ब्रांच मत्स्य विभाग की मत्स्य विस्तार अधिकारी पदों की भर्ती से जुड़े एक मामले में PSC के अध्यक्ष, सदस्यों और अधिकारियों को आरोपी बना चुकी है। इस मामले में आरोप है कि अगस्त 2020 की अधिसूचना के तहत 28 नवंबर 2022 को प्रकाशित रैंक लिस्ट में कुछ उम्मीदवारों को अनुचित लाभ मिला। इस लिस्ट की वैधता 28 नवंबर 2025 तक थी।

इसके अलावा, खादी बोर्ड और ग्राम तेल निरीक्षक की भर्तियों में भी कथित अनियमितताओं की जांच शुरू की गई है। राज्य योजना बोर्ड की भर्ती परीक्षा में ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम की गड़बड़ी पाई गई, जिससे अर्थशास्त्र के 10 वर्णनात्मक प्रश्नों के 58 अंक सही मूल्यांकनकर्ताओं को नहीं मिले। शिकायत के बाद दोबारा मूल्यांकन हुआ, जिसमें रैंकिंग में बदलाव आया।

क्या जांच में क्या प्रगति हुई है?

राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है। जांच के दौरान PSC के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। टीम ने आयोग के अध्यक्ष एमआर बैजू और अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की है। जांच का दायरा बढ़ाकर आयोग की अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को भी शामिल किया गया है।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

यह मामले सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं। PSC की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं से योग्य उम्मीदवारों को रोजगार के अवसरों से वंचित होना पड़ सकता है। जांच के परिणाम से आने वाले समय में भर्ती प्रणालियों में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

स्रोत: tv9hindi.com

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