IIT रुड़की की स्थापना 1847 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी, जो देश का पहला इंजीनियरिंग कॉलेज माना जाता है। इस संस्थान की शुरुआत गंगनहर परियोजना के लिए इंजीनियर तैयार करने के उद्देश्य से हुई थी, जिसमें सिविल इंजीनियरिंग की ट्रेनिंग दी जाती थी।
IIT रुड़की की स्थापना और इतिहास
1840 के दशक में ब्रिटिश सरकार ने उत्तरी भारत में सिंचाई व्यवस्था सुधारने के लिए ऊपरी गंगनहर परियोजना शुरू की। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रशिक्षित इंजीनियरों की जरूरत थी, इसलिए 1847 में थॉमसन कॉलेज ऑफ सिविल इंजीनियरिंग की स्थापना की गई। बाद में नवंबर 1949 में इसका नाम रुड़की यूनिवर्सिटी रखा गया, और 21 सितंबर 2001 को इसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) का दर्जा मिला।
कोर्स और प्रवेश प्रक्रिया
IIT रुड़की में बीटेक, एमटेक, पीएचडी सहित विभिन्न स्तरों के कोर्स चलाए जाते हैं। बीटेक में सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा B.Arch, B.Des और B.Sc कोर्स भी उपलब्ध हैं।
बीटेक में प्रवेश के लिए JEE Advanced परीक्षा पास करनी होती है। B.Arch में आर्किटेक्चर एप्टीट्यूड टेस्ट (AAT) जरूरी है। M.Tech के लिए GATE स्कोर आवश्यक है, जबकि MBA में CAT स्कोर और इंटरव्यू के आधार पर चयन होता है। पीएचडी के लिए संस्थान के निर्धारित नियमों के अनुसार योग्यता पूरी करनी होती है।
प्लेसमेंट और करियर अवसर
IIT रुड़की के छात्र Google, Microsoft, Adobe, Oracle, Samsung Research Institute, Goldman Sachs, IBM, TCS, Infosys, Flipkart, Tata Steel और Bajaj Auto जैसी बड़ी कंपनियों में नौकरी पा सकते हैं। यह संस्थान तकनीकी शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
स्रोत: tv9hindi.com



टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।