इटली सरकार ने मंगलवार को हिंसक प्रदर्शनों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की घोषणा की। सप्ताहांत में मिलान के प्रमुख खरीदारी इलाके में दंगाइयों ने जमकर तोड़फोड़ की थी, दुकानें लूटी थीं और कई संपत्तियों में आग लगा दी थी। इन दंगाइयों में बड़ी संख्या नाबालिगों की थी।
सरकारी आदेश के तहत साल के अंत तक मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात किए जाएंगे। प्रदर्शन के दौरान हिंसक गतिविधियों में शामिल होने को नया अपराध बनाया गया है, जिसके लिए पांच साल तक की कैद और 20,000 यूरो तक जुर्माने का प्रावधान है। अगर आरोपी चेहरा ढककर अपराध करता है या किसी को चोट पहुंचाता है, तो सजा और बढ़ जाएगी।
नाबालिगों के लिए बदलेगा नियम
नए प्रावधानों में यह भी कहा गया है कि नाबालिगों द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई उनके माता-पिता को करनी होगी। 14 वर्ष से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति को, जब तक इसके उलट सबूत न हो, अपने कृत्यों को समझने में सक्षम माना जाएगा। अब तक यह तय करने का अधिकार न्यायाधीशों के पास था। इस आदेश को 60 दिनों के भीतर संसद से मंजूरी लेकर कानून का रूप देना होगा।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि दंगों में इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी दुखद और चिंताजनक है। उनके अनुसार युवा चौक पर चीजें तोड़ने, चोरी करने और इसका वीडियो बनाने आए थे, जिस पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है ताकि दूसरे लोग इन तस्वीरों को देखकर नकल न करें। मेलोनी ने बताया कि हिरासत केंद्रों में नए बिस्तरों का इंतजाम होगा और किशोर न्याय प्रणाली में जजों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
शनिवार को मध्य मिलान में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों और आंसू गैस का सहारा लिया था। चेहरा ढके कई दंगाई पुलिस से भिड़ गए थे और रविवार को भी हिंसा-लूटपाट जारी रही। अधिकारियों के अनुसार दो दिनों में 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए।
मिलान पुलिस के मुताबिक शनिवार रात के दंगों में करीब 2,000 युवा शामिल थे, जिनमें विदेशी माता-पिता की संतान होने के बाद इतालवी नागरिकता पाने वाले लोगों के साथ विदेशी नागरिक भी बड़ी संख्या में थे। सप्ताहांत में गिरफ्तार करीब 50 लोगों में से 30 से अधिक नाबालिग हैं।



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