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बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
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जामिया में 20 साल बाद फिर से छात्रसंघ चुनाव, जानिए क्यों हुआ था भंग

जामिया में 20 साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता खुला, 2006 में भंग हुए छात्रसंघ और आखिरी पदाधिकारियों की जानकारी।

जामिया में 20 साल बाद फिर से छात्रसंघ चुनाव, जानिए क्यों हुआ था भंग
जामिया में 20 साल बाद फिर से छात्रसंघ चुनाव, जानिए क्यों हुआ था भंग

डिजिटल डेस्क,दिल्ली,(राजदार टाइम्स): जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 20 साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। प्रशासन ने छात्रों की भूख हड़ताल के बीच चुनाव कराने की घोषणा की है। छात्रसंघ संविधान बनने के 15 दिन के भीतर चुनाव आयोजित किए जाएंगे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र चुनाव की समयसीमा तय करने की मांग पर डटे हुए हैं। लोग जानना चाहते हैं कि 2006 में छात्रसंघ क्यों भंग किया गया था और आखिरी पदाधिकारी कौन थे।

जामिया में पहला छात्रसंघ चुनाव और इतिहास

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की स्थापना 1920 में अलीगढ़ में हुई थी, जो 1925 में करोलबाग और फिर 1935-36 में ओखला में स्थानांतरित हुआ। जामिया को 1988 में केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिला। यहां पहला छात्रसंघ चुनाव 1981 में हुआ था, जिसमें जुबैर खान अध्यक्ष चुने गए थे, जबकि रिजवान अली खानी उपाध्यक्ष, आफताब अहमद महासचिव और जलालुद्दीन संयुक्त सचिव थे।

छात्रसंघ चुनावों पर प्रतिबंध और वजह

जामिया में 1981 से 1996 तक छात्रसंघ चुनाव नियमित होते रहे, हालांकि 1990 में चुनाव नहीं हुए। 1996 में छात्रसंघ चुनावों पर प्रतिबंध लगा दिया गया क्योंकि पदाधिकारी छात्रों के एडमिशन, हॉस्टल आवंटन और जांचों में दखल देने लगे थे, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे।

2005 में फिर हुए चुनाव और 2006 में भंग

1996 से प्रतिबंध के बाद 2005 में नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव हुए। जुलाई 2005 में नया छात्रसंघ निर्वाचित हुआ, लेकिन 31 मार्च 2006 को छात्रसंघ को भंग कर दिया गया और चुनावों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। भंग करने की वजह कैंपस में हुई हिंसक घटनाएं और पढ़ाई में व्यवधान बताया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय दो दिन तक बंद भी रहा।

छात्रसंघ चुनावों की स्थिति और विषय संघ चुनाव

भंग के बाद से छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं हुए। छात्रों ने कई बार चुनाव कराने की मांग की, मामला कोर्ट भी गया लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ। 2017 में छात्रसंघ चुनाव की जगह विषय संघ चुनाव शुरू हुए, जो अभी तक जारी हैं।

आखिरी छात्रसंघ पदाधिकारी कौन थे?

2005 के अंतिम छात्रसंघ चुनाव में शम्स परवेज अध्यक्ष चुने गए थे, जो अब बिहार की पूर्णिया यूनिवर्सिटी के अररिया कॉलेज में भूगोल विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उपाध्यक्ष के पद पर मुहम्मद फहीम हैदर खान, महासचिव पर फरहत अली और संयुक्त सचिव पर जिल्ले सुभानी थे। इनके वर्तमान कार्यों की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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