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गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
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किश्तवाड़ विधायक शगुन परिहार बनीं भाजयुमो की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, मिली बड़ी जिम्मेदारी

भाजपा युवा मोर्चा की नई राष्ट्रीय टीम में सात उपाध्यक्षों में जम्मू-कश्मीर की सबसे कम उम्र की विधायक का नाम शामिल है।

किश्तवाड़ विधायक शगुन परिहार बनीं भाजयुमो की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, मिली बड़ी जिम्मेदारी
किश्तवाड़ से भाजपा विधायक शगुन परिहार

भारतीय जनता पार्टी ने अपनी युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की नई राष्ट्रीय टीम में जम्मू-कश्मीर की किश्तवाड़ सीट से विधायक शगुन परिहार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। संगठन में नियुक्त सात राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में उनका नाम शामिल है। उनकी नियुक्ति को चिनाब घाटी क्षेत्र के युवा नेतृत्व को राष्ट्रीय संगठन में आगे लाने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।

नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए परिहार ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष सतपाल शर्मा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और देश की जनता को धन्यवाद दिया और कहा कि वे इस जिम्मेदारी को निभाने में पूरी ताकत लगाएंगी।

29 साल की उम्र में जीता था चुनाव

शगुन परिहार ने 2024 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 29 वर्ष की आयु में चुनी गईं परिहार उस चुनाव में जम्मू-कश्मीर विधानसभा की सबसे कम उम्र की विधायक बनी थीं। मुस्लिम बहुल किश्तवाड़ सीट पर उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जाद अहमद किचलू को केवल 521 वोटों के अंतर से हराया था। परिहार को 29,053 और किचलू को 28,532 मत मिले थे।

परिहार का निजी जीवन भी संघर्ष से भरा रहा है। 2018 में पंचायत चुनावों से कुछ दिन पहले हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों ने उनके पिता अजीत परिहार, जो भाजपा के पदाधिकारी थे, और चाचा अनिल की हत्या कर दी थी। इस सदमे के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी।

शगुन के पास इलेक्ट्रिकल पावर सिस्टम्स में एमटेक की डिग्री है और विधायक चुने जाने के समय वे इलेक्ट्रॉनिक्स में पीएचडी कर रही थीं। वे जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी भी कर रही थीं और राजनीति में आने का उनका कोई इरादा नहीं था। परिवार की राजनीतिक विरासत और अपने समुदाय के प्रति जिम्मेदारी के भाव ने उन्हें इस राह पर ला खड़ा किया।

अपने पहले चुनाव अभियान में उन्होंने कहा था कि उन्हें मिलने वाला हर वोट केवल उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि उन सभी परिवारों के लिए होगा, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की मार झेली है। पार्टी को उम्मीद है कि राष्ट्रीय स्तर की यह जिम्मेदारी जम्मू-कश्मीर में युवाओं के बीच संगठन को और मजबूत करेगी।

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