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बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
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यूपी डायलॉग्स में मुरादाबाद को वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाने की योजना

योगी सरकार ने मुरादाबाद को वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाने और पीतल हस्तशिल्प को डिजिटल बाजार से जोड़ने की योजना बनाई।

यूपी डायलॉग्स में मुरादाबाद को वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाने की योजना

मुरादाबाद की पारंपरिक पीतल हस्तशिल्प को आधुनिक डिजिटल बाजार और वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने नई रणनीतियां बनाई हैं। 'यूपी डायलॉग्स–मुरादाबाद चैप्टर' में जिले के 11,460 करोड़ और मंडल के 19,800 करोड़ रुपए के वार्षिक निर्यात को बढ़ाने पर मंथन हुआ।

औद्योगिक विकास और निर्यात को बढ़ावा

दिल्ली रोड स्थित होटल मानसरोवर पैराडाइज में आयोजित इस संवाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद को वैश्विक औद्योगिक हब बनाने का लक्ष्य रखा। संयुक्त आयुक्त उद्योग योगेश कुमार ने बताया कि ओडीओपी वित्त पोषण योजना के तहत इकाइयों को बैंक ऋण के साथ 20 लाख रुपए तक की मार्जिन मनी दी जा रही है। साथ ही, कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और तकनीकी उन्नयन से जोड़ा जा रहा है। उत्पादों की फिनिशिंग, पैकेजिंग और ई-कॉमर्स के जरिए निर्यात को नई दिशा दी जा रही है।

सुशासन और सुरक्षित कारोबार

तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के लॉ डीन प्रो. हरबंश दीक्षित ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन से कारीगरों और उद्यमियों को सुरक्षित कारोबारी माहौल मिला है। डिजिटल सरकारी सेवाओं और ऑनलाइन शिकायत निवारण से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। युवाओं और अनुभवी उद्यमियों के बीच तालमेल से विकास को गति मिल रही है।

स्वरोजगार और महिला सशक्तीकरण

हिंदू कॉलेज की वरिष्ठ शिक्षाविद् मेजर (डॉ.) मीनू मेहरोत्रा ने बताया कि ‘सीएम-युवा’ अभियान के तहत 5 लाख रुपए तक के ब्याज-मुक्त ऋण से अगले दस वर्षों में 10 लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में उद्योग क्षेत्र के लिए 25 लाख और सेवा क्षेत्र के लिए 10 लाख रुपए तक के ऋण पर 25% मार्जिन मनी का प्रावधान है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें डिजिटल बाजार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सांस्कृतिक विरासत और ब्रांडिंग

मीडिया सेल प्रमुख डॉ. माधव शर्मा ने मुरादाबाद की पीतल कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रदर्शनियां, पर्यटन और बेहतर ब्रांडिंग के महत्व पर जोर दिया। इससे मुरादाबाद की पारंपरिक विरासत को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का सपना साकार होगा।

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