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बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
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ट्रंप के बयान से क्यूबा और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की संभावना

ट्रंप ने क्यूबा के तट पर युद्धपोत भेजने की चेतावनी दी, जिससे अमेरिका-क्यूबा और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है।

ट्रंप के बयान से क्यूबा और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की संभावना

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान अभियान के दौरान क्यूबा के तट पर अमेरिकी युद्धपोत भेजने की चेतावनी दी है, जिससे अमेरिका-क्यूबा और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

क्यूबा के तट पर युद्धपोत भेजने की चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि ईरान से सैन्य अभियान समाप्त कर लौटते समय अमेरिकी युद्धपोत क्यूबा के तट से करीब 50 गज की दूरी पर रुक सकते हैं। उन्होंने कहा, "ऐसी स्थिति में क्यूबा के लोग हाथ ऊपर उठा लेंगे और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को वहां भेजा जाएगा।" इस बयान पर क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि क्यूबा के प्रति अमेरिका की सभी धमकियों को खारिज किया जाता है। उन्होंने क्यूबा के समुद्र तटों और नुकीली चूना पत्थर की चट्टानों का भी उल्लेख किया। ये टिप्पणियां दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों को और बढ़ा सकती हैं।

ईरान पर फिर हमला संभव

ट्रंप ने ईरान के साथ समझौता न होने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने की संभावना से इनकार नहीं किया। उनका कहना है कि यदि तेहरान वाशिंगटन के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुंचता है, तो अमेरिकी सेना एक और हमला कर सकती है। उन्होंने स्वीकार किया कि ईरान के साथ युद्ध के कारण तेल की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन इसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए उचित कीमत माना। इससे साफ है कि अमेरिकी प्रशासन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख पर कायम है।

अमेरिकी दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या घटाने की तैयारी

ईरान से जुड़े सुरक्षा खतरे के बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने राजनयिक कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। खुफिया जानकारी के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने क्षेत्र के चार अमेरिकी दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब क्षेत्र में सैन्य तनाव जारी है और अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बनी हुई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का दावा

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण होने का दावा किया है। उनके अनुसार, इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा उनके नियमों के तहत सुनिश्चित की जा रही है। ईरानी नौसेना ने हाल ही में कहा कि कच्चे तेल से लदे दो सुपरटैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गए, जिनमें कुल 45 लाख बैरल से अधिक तेल था। ईरान ने अमेरिकी सैन्य जहाजों को फारस की खाड़ी में प्रवेश न करने की चेतावनी भी दी है और अपनी सैन्य क्षमताओं को कमजोर बताने वाले अमेरिकी दावों को चुनौती दी है।

वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट की आशंका

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। यहां सैन्य तनाव बढ़ने या जहाजों की आवाजाही में बाधा आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। ट्रंप के बयान, ईरान की चेतावनियां और समुद्री मार्ग पर नियंत्रण को लेकर विवाद ने वैश्विक संकट को और जटिल बना दिया है। अब दुनियाभर की निगाहें इस बात पर हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ेगी या संघर्ष और बढ़ेगा।

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