Rajdaar Times
बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
विज्ञापन
Rajdaar Times — यहाँ विज्ञापन दें
Rajdaar Times — यहाँ विज्ञापन दें

एसबीआई के 3,897 ग्राहकों का निजी डेटा डार्क वेब पर मिला, बैंक ने शुरू की जांच

सर्ट-इन के अलर्ट के बाद बैंक ने स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी नियुक्त की; बैंक का कहना है कि सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है।

एसबीआई के 3,897 ग्राहकों का निजी डेटा डार्क वेब पर मिला, बैंक ने शुरू की जांच
भारतीय स्टेट बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कुछ ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर उजागर होने का मामला सामने आया है। बैंक ने 21 अक्तूबर को शेयर बाजारों को दी गई सूचना में इसकी जानकारी दी और बताया कि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बैंक ने कहा है कि वह इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रहा है।

मामले की शुरुआत 16 अक्तूबर को हुई, जब एसबीआई को अपनी थ्रेट इंटेलिजेंस सेवा प्रदाता कंपनी, रक्षा साइबर एजेंसी और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सर्ट-इन) से अलर्ट मिला कि बैंक ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर लीक हुआ है। इसके बाद बैंक ने शुरुआती जांच में डार्क वेब पर मौजूद करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड खंगाले। विश्लेषण में सामने आया कि इनमें 3,897 ग्राहकों के ऐसे रिकॉर्ड हैं, जिनमें उनकी व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी अहम जानकारी शामिल है।

कौन-सी जानकारी हुई उजागर

संभावित रूप से लीक हुए डेटा में ग्राहकों का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, नाम, लिंग, ईमेल आईडी और घर का पता शामिल है। इसके अलावा बैंक शाखा का नाम, सीआईएफ नंबर और ऋण से जुड़े रिकॉर्ड का मेटाडेटा भी डार्क वेब पर मौजूद पाया गया है। इतनी निजी जानकारी एक साथ सामने आने से संबंधित ग्राहकों के साथ साइबर ठगी या फिशिंग का जोखिम काफी बढ़ जाता है।

अलर्ट मिलने के तुरंत बाद बैंक ने साइबर घटनाओं से निपटने के अपने सभी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। निष्पक्ष जांच के लिए सर्ट-इन के आधिकारिक पैनल में शामिल एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी नियुक्त की गई है। यह एजेंसी पता लगाएगी कि डार्क वेब पर मिला डेटा कितना सही और प्रामाणिक है और यह लीक आखिर किस स्रोत से हुआ।

ग्राहकों की चिंता पर एसबीआई ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि इस घटना से बैंक के मुख्य कारोबारी कामकाज पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। बैंक का वित्तीय प्रदर्शन और व्यावसायिक गतिविधियां सामान्य रूप से चल रही हैं और सभी बैंकिंग सेवाएं बिना रुकावट जारी हैं। बैंक ने कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

ऐसे मामलों में ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अनजान कॉल, संदेश या ईमेल के जरिए मांगी गई कोई भी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अपने बैंक को दें।

यह खबर शेयर करें
संपादकीय टीम
संपादकीय टीम · Admin

राजदार टाइम्स की संपादकीय टीम।

संपादकीय टीम की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।