हरियाणा के बिजली निगमों के कर्मचारी और इंजीनियर बुधवार रात 10 बजे से तीन दिन की हड़ताल पर जा रहे हैं। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 22 से 24 अक्तूबर तक कामकाज बंद रखने का एलान किया है। विरोध की जड़ में गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए एक निजी कंपनी को दिया गया समानांतर लाइसेंस है।
हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) ने 19 अक्तूबर को इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को यह लाइसेंस जारी किया। खबर के मुताबिक लाइसेंस 25 साल के लिए है और राज्य में पहली बार कोई निजी कंपनी सीधे उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाएगी। फिलहाल कंपनी का दायरा केवल इन्हीं दो जिलों तक सीमित है।
हड़ताल से पहले सरकार हरकत में आई। बिजली निगमों के अधिकारी मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में पहुंचे। बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ खड़ी है। उनके अनुसार आयोग के आदेश के खिलाफ अपील के लिए 45 दिन का समय मिलता है, लेकिन सरकार पांच-छह दिन में ही अपील करेगी और आदेश पर रोक लगवाने की कोशिश होगी। कर्मचारी नेता जिस वकील का नाम सुझाएंगे, उसे केस में लगाने की बात भी मंत्री ने कही। इसके साथ ही निगमों ने अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है और हड़ताल में शामिल होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ऊर्जा मंत्री ने बुधवार दोपहर तीन बजे चंडीगढ़ सचिवालय में बातचीत के लिए बैठक बुलाई थी, पर संघर्ष मोर्चा ने देर रात पत्र जारी कर उसमें आने से असमर्थता जता दी। मोर्चा ने समय कम होने और कुछ पदाधिकारियों के अस्वस्थ होने का हवाला दिया। साथ ही मंत्री से आग्रह किया कि वे मुख्यमंत्री से बात कर समानांतर लाइसेंस की प्रक्रिया रुकवाएं।
कर्मचारी संगठनों की दलील
इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा का कहना है कि गुरुग्राम और नूंह दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की कुल कमाई में 42 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान देते हैं। उनके मुताबिक निगम इस इलाके में पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना के तहत पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक लगा चुका है, लाइन लॉस घटकर करीब चार प्रतिशत रह गया है और राजस्व वसूली शत-प्रतिशत है। ऐसे में निजी कंपनी को लाइसेंस देने की जरूरत पर वे सवाल उठा रहे हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन के कुछ धड़ों और इंटक, सीटू, एटक जैसे श्रमिक संगठनों ने भी तीन दिन की हड़ताल का समर्थन किया है। यमुनानगर में बुधवार को कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो दिवाली अंधेरे में बीतेगी और अनिश्चितकालीन हड़ताल हो सकती है।



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