एशियन पैरा गेम्स में भारत ने अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया। 23 अक्टूबर को अंतिम इवेंट के साथ भारत ने कुल 114 मेडल हासिल किए, जिनमें 30 गोल्ड मेडल शामिल हैं। यह अब तक का सबसे सफल अभियान रहा।
बेस्ट प्रदर्शन और नए रिकॉर्ड
शुक्रवार को भारतीय खिलाड़ियों ने कई मेडल जीते, जिनमें गोल्ड मेडल भी शामिल थे। खासतौर पर मेन्स जैवलिन थ्रो में सुमित अंतिल ने लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल हासिल किया। इसी इवेंट में भारत को सिल्वर और ब्रॉन्ज भी मिले। मेन्स क्लब थ्रो इवेंट में प्रणव सूरमा ने भारत के लिए आखिरी गोल्ड मेडल जीता, जबकि धरमबीर नैन ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
इस प्रदर्शन के साथ भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा, जो देश के लिए एक नई उपलब्धि है। भारत ने कुल 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल जीते। पिछले पैरा गेम्स में भारत ने 108 मेडल हासिल किए थे, जिसमें 27 गोल्ड, 32 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज थे। हालांकि, डोपिंग आरोपों के कारण दो खिलाड़ियों के तीन पदक वापस लिए जाने के बाद मेडल संख्या 108 रह गई थी।
छोटी टीम के साथ बड़ा प्रदर्शन
भारत की उपलब्धि और भी खास है क्योंकि इस बार टीम में कम खिलाड़ी शामिल थे। पिछले खेलों में 309 एथलीट गए थे, जबकि इस बार सिर्फ 168 पैरा एथलीटों ने हिस्सा लिया। पैरा एथलेटिक्स ने सबसे बड़ा योगदान दिया, जहां भारत ने 65 मेडल जीते, जिनमें 22 गोल्ड, 19 सिल्वर और 24 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
पैरा स्विमिंग और पैरा टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार सुधार दिखाया। पैरा स्विमिंग टीम ने इस बार 3 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल जीते, जबकि पिछले गेम्स में केवल एक मेडल था। पैरा टेबल टेनिस में पिछले दो ब्रॉन्ज के मुकाबले इस बार 7 ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए। पैरा आर्चरी (6) और पैरा शूटिंग (5) में भारत का प्रदर्शन पिछली बार के समान रहा।



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